बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी से किसानों को फायदा है या नहीं यह अलग बात है, लेकिन इस खरीदी में पिछले कुछ वर्षो में जो दिखाई दिया उससे यह तो साफ है कि व्यापारी,बिचौलिये, अधिकारी आदि इसका भरपूर फायदा उठाते है। वर्तमान में समर्थन मूल्य में होने वाली धान खरीदी में जहां एक ओर सिकनी और ठेके वाले पंजीयन को लेकर लगातार विवाद गहरा रहा है वहीं दूसरी यह सामने आ रहा है कि समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र और भंडारण को लेकर भी गोलमाल की स्थिति है जो जांच का विषय है। धान खरीदी को पूरी तरह से स्कैन करने वाले एक एक्सपर्ट का कहना है कि ट्रांसपोर्टर से सांठगांठ अधिकारियों ने खरीदी केन्द्र से अधिकारी दूरी पर भंडारण केन्द्र बनाए है। इसमें डीएसओ, डीएम नॉन और जीएम वेयर हाउसिंग पर सवाल उठ रहे है। 
केस स्टडी 01 :  सारनी का भंडारण केन्द्र 26 किलोमीटर बनाया
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के सारनी केन्द्र में जो खरीदी होगी उसका भंडारण सारनी से 26 किलोमीटर दूर रातामाटी में किया जा रहा है। जबकि इससे निकटतम सूखाढाना का वेयरहाउस है जहां पर भंडारण की अनुमति नहीं दी गई। इससे शासन को एक ट्रिप में 5 से 10 हजार का सीधे चूना लगेगा।
केस स्टडी 02 :  डेहरीआमढाना का भंडारण केन्द्र सिलपटी में बनाया
समर्थन मूल्य धान खरीदी के डेहरीआमढाना केन्द्र में जो खरीदी होगी उसका भंडारण सिलपटी के वेयरहाउस में किया जाएगा। सिलपटी का वेयरहाउस डेहरीआमढाना से लगभग 36 किलोमीटर दूर है। यदि इसके निकटतम वेयरहाउस की स्थिति देखे तो 14 किलोमीटर में सूखाढाना का वेयरहाउस है।
अपनी मर्जी का नियम लगाया
इस तरह दूर भंडारण केन्द्र बनाए जाने को लेकर अधिकारी यह तर्क देते है कि जहां पर वेयरहाउस ही खरीदी केन्द्र है इसलिए वहां भंडारण नहीं कर सकते। जबकि इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं है। इसी आधार पर सूखाढाना से कहीं दूर भंडारण केन्द्र बनाए गए है। 
1 लाख 20 हजार क्विंटल की खरीदी
वर्तमान में 2369 रूपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी हो रही है। इसमें अब तक 9 हजार 100 किसानों से 20 सेंटर पर 1700 किसानों से करीब 1 लाख 20 हजार क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 16 दिसंबर 2025