(बैतूल) प्रधानमंत्री आवास के नाम पर निजी भूमि नापने का आरोप, - पीड़िता ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की , - जनसुनवाई में पहुंची जमीन विवाद की शिकायत, - पंचायत पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप
बैतूल(हेडलाइन)। बैतूल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोराखार में जमीन से जुड़े विवाद का मामला जनसुनवाई तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता महिला इमला नर्रे ने प्रशासन को दिए आवेदन में आरोप लगाए हैं कि ग्राम पंचायत गोराखार के सरपंच, कोटवार, ग्राम रोजगार सहायक और हल्का पटवारी की मिलीभगत से उसकी आवास से लगी खाली भूमि को जबरन नापकर पड़ोसी सुखलाल को दे दी गई।
आवेदन में महिला ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने के बाद उसकी सहमति के बिना उसकी बागुड़ तोड़कर पट्टे से अधिक जमीन नापी गई और उस भूमि पर निर्माण भी शुरू कर दिया गया। विरोध करने पर ग्राम पंचायत में बुलाकर उससे आपसी राजीनामे के नाम पर जबरन अंगूठा लगवाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला का कहना है कि शिकायत करने की बात पर पंचायत पदाधिकारियों द्वारा डराने-धमकाने और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
महिला ने यह भी बताया कि जमीन विवाद के बाद पड़ोसी द्वारा शराब के नशे में गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं हुईं, जिसकी शिकायत थाना बैतूल बाजार में की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विगत 25 नवंबर को जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी तहसील स्तर पर कार्रवाई न होने की बात कही गई है।

पीड़िता ने कलेक्टर से मांग की है कि उसकी कब्जे वाली भूमि से अवैध कब्जा हटवाया जाए और संबंधित पंचायत पदाधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे और उसके परिवार को भयमुक्त वातावरण मिल सके।


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