बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सांसद खेल महोत्सव समापन में बैतूल, हरदा और हरसूद के करीब दो सैकड़ा से ज्यादा खिलाड़ी रविवार को वन विद्यालय में जुटे। यहां पर समारोह का शुभारंभ हुआ नेताओं ने भाषण दिया लेकिन इसके बाद भी खिलाडिय़ों को मैदान में नहीं उतरने नहीं दिया गया? इसके बाद इन खिलाडिय़ों को बसों में भरकर शिवाजी ऑडिटोरियम लाया गया, यहां पर आदि मेले का शुभारंभ था और भीड़ कम थी, इसलिए भीड़ बढ़ाने इन खिलाडिय़ों का उपयोग किया गया? यहां पर भी खिलाडिय़ों को अलग-अलग नेताओं के आदि मेले को लेकर विचार और भाषण सुनने पड़े? फिर इन खिलाडिय़ों को वापस बस में भरकर वन विद्यालय ले जाया गया और दोपहर 3 बजे के बाद यहां पर खेल स्पर्धाएं शुरू हो पाई। वर्तमान में ठंड का मौसम चल रहा है और दिन जल्दी ढलता है, ऐसे में खिलाडिय़ों ने किस तरह से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया होगा और किस तरह से स्पर्धाएं हुई होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है?

- तीन विभागों को स्पर्धा के आयोजन की मिली थी जिम्मेदारी...
सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग को मिली थी। इन विभागों द्वारा जिस तरह का आयोजन किया गया है उस पर वरिष्ठ खिलाड़ी सवाल उठा रहे है?

- इन विद्याओं की यहां पर होना था फाईनल स्पर्धाएं...
हॉकी, कुश्ती, खो-खो, क्रिकेट, बैड मिंटन, एथेलेटिक, पिट्टू, रस्साकस्सी, बास्केटबाल, स्केटिंग, व्हॉलीबाल, योगासन, साफ्ट बॉल, लॉन टेनिस जैसी स्पर्धाओं का आयोजन होना था अब सवाल है कि वास्तव में कितनी स्पर्धाएं हुई?

- बैनर पोस्टर पर खिलाड़ी नहीं नेता ही है छाए हुए...
इस स्पर्धा के आयोजन में वरिष्ठ खिलाडिय़ों और प्रेरणा देने वाले देश के चर्चित खिलाडिय़ों की जगह नेताओं की ही फोटो बैनर पोस्टर में नजर आ रही थी? खेल स्पर्धा का आयोजन था, लेकिन जिले के किसी भी वरिष्ठ खिलाड़ी को नहीं बुलाया गया ?

- वरिष्ठ खिलाड़ी ने लेख लिखकर जाहिर की पीड़ा...
हॉकी के वरिष्ठ खिलाड़ी और समाजसेवी हेमंतचन्द्र दुबे ने इस स्पर्धा के आयोजन के तौर तरीकों को लेकर एक लेख लिखा और अपनी पीड़ा जाहिर की। उनका कहना है कि इस तरह के सिस्टम से ना तो खिलाडिय़ों का भला होगा और ना खेलों में कुछ होगा? 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 22 दिसंबर 2025