(बैतूल) "आत्मबोध से विश्वबोध" तक साहित्य के जरिए जन जागरण का आव्हान : डॉ. पवन पुत्र बादल , - बैठक में वर्चुअल रूप से पदाधिकारियों ने की सहभागिता
बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा । अखिल भारतीय साहित्य परिषद मध्य भारत प्रांत की रीवा राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद पहली आभासी बैठक नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री श्री डॉ. पवनपुत्र बादल जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । बैठक में प्रांत अध्यक्ष डॉ. कुमार संजीव के ही साथ प्रांत भर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रांत महामंत्री आशुतोष जी शर्मा ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए पवनपुत्र बादल जी ने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसी जा रही अश्लीलता और अनियंत्रित सामग्री समाज में विकृतियां पैदा कर रही है? जिससे युवा भटकाव की ओर जा रहे हैं, ऐसे में इसके सख्त नियमन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रीवा राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्ताव पारित किया गया है तथा सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस पर संज्ञान लिया है। साहित्य परिषद भी इसके नियमन की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाएगी। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर साहित्य के माध्यम से "आत्मबोध से विश्वबोध" विषय को लेकर व्याख्यान मालाओं से जन जागरण करने का आह्वान किया।
श्री बादल ने संघ के साहित्य, प्रचारक जीवन और विशेष कार्यों पर राउंड टेबल चर्चाओं तथा संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर "संघ साधना के सौ वर्ष" विषय पर कवि सम्मेलनों के आयोजन करने का सुझाव दिया।
बैठक को प्रांत अध्यक्ष डॉक्टर कुमार संजीव ने भी संबोधित किया वहीं संगठन मंत्र डॉ. ब्रह्म दत्त श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया, परिषद गीत मांडवी सिंह ने गाया तथा आभार प्रदर्शन प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पांसे ने किया।
इस बैठक में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांत मीडिया प्रभारी नवल वर्मा, जिलाध्यक्ष पुष्पक देशमुख, महामंत्री धर्मेंद्र खौसे, प्रसेन मालवी आदि ने साहित्य परिषद बैतूल की ओर से सहभागिता की।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 25 दिसंबर 2025


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