बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। विगत 11 वर्ष पहले शासन ने एक आदेश जारी किया था कि जो भी शासकीय सेवक है वह विभागीय माध्यम से अपनी चल अचल संपत्ति का डिक्लेरेशन देगा, लेकिन देखने में आ रहा है कि बैतूल जिले में अधिकांश विभागों में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है और कर्मचारी अधिकारी अपनी चल अचल संपत्ति का हिसाब किताब प्रस्तुत नहीं कर रहे है? 11 वर्ष पहले जब यह आदेश जारी हुआ था तब बैतूल जिले के जेएच कॉलेज के प्राध्यापकों आदि ने ऑनलाईन अपनी चल अचल संपत्ति की जानकारी दी थी, लेकिन अब वे भी नहीं दे रहे है? जो जानकारी सामने आ रही है कि मात्र एक बार शुरूआत में इन प्राध्यापकों ने जानकारी दी थी। उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2014 में यह आदेश जारी किए थे कि सभी कॉलेज अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण वेबसाईट पर अपलोड करें? विभाग ने सभी सरकारी कॉलेज के अकादमिक और प्रशासनिक प्रमुखों को अनिवार्य रूप से अपनी अचल संपत्ति की वार्षिक विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए थे, इसमें प्रभारी प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, स्पोर्टस ऑफिसर आदि शामिल है। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि सूचना के अधिकार के तहत बार-बार जानकारी मांगने की प्रक्रिया को समाप्त कर जनता के लिए डेटा और जानकारी को सार्वजनिक किया जाए। 

- जिले के यह कॉलेज नहीं दे रहे है वार्षिक विवरणी...
विभाग की वेबसाईट के अनुसार जेएच कॉलेज बैतूल, गर्ल कॉलेज बैतूल, शासकीय महाविद्यालय मुलताई, सारनी कॉलेज, भैसदेही कॉलेज, आमला कॉलेज और शाहपुर कॉलेज द्वारा अपने यहां के अधिकारी और कर्मचारी की संपत्ति की जानकारी अपलोड नहीं की जा रही है। बैतूल जिले में जेएच कॉलेज इन सभी का नोडल कॉलेज है, जब उसके द्वारा ही इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है तो बाकी कॉलेज भी इसलिए नहीं कर रहे हैै?

- इनका कहना...
बैतूल जिले में हर विभाग के अधिकारी की संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक की जाना चाहिए, जिससे कि पारदर्शिता आए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। 
राज मालवीय, व्हीसिल ब्लोअर ।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 दिसंबर 2025