बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  बैतूल जिले में पिछले एक माह में जिस सायबर ठगी, गेमिंग एप और फर्जी खातों में राशि ट्रांसफर करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया और आगे विवेचना कर रही है, उस मामले की प्रकृति और विस्तृत नेटवर्क को देखते हुए कानून के जानकार मानते है कि इस मामले में इनकम टैक्स विभाग और इनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ईडी) का हस्तक्षेप होना ही चाहिए? इस मामले में बैतूल पुलिस अधीक्षक ने तीन बार पत्रकारवार्ता लेकर पूरे ठगी के खेल का खुलासा किया था। इस मामले में खास बात यह है कि पुलिस की जब्ती उतनी नहीं है जितनी इस पूरी ठगी में पुलिस द्वारा राशि बताई जा रही है? खैर पुलिस ही बता रही है कि खातों में करोड़ों का लेनदेन हुआ है और नेटवर्क दुबई तक फैला है! ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स और ईडी को तो बैतूल पुलिस को स्वयं सूचना देनी चाहिए?

- मामले में पुलिस ने म्यूल खातों से 10 करोड़ का लेनदेन बताया...
बैतूल में साइबर अपराध के एक संगठित और हाईटेक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पिछले सात महीनों में एक ही म्यूल खाते से 10 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन का पता लगाया है? यह गिरोह फर्जी फर्मों, म्यूल खातों और अवैध सिम कार्डों का उपयोग कर ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी के पैसे को देशभर में घुमा रहा था? एसपी वीरेंद्र जैन और एएसपी कमला जोशी के निर्देश पर गठित साइबर सेल और विशेष एसआईटी टीम ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालिया कार्रवाई में अश्विन धर्मवाल, प्रवीण जायसवाल और पीयूष राठौड़ को पकड़ा गया है।

- इस मामले में एक आरोपी की जमानत से डीजीपी बेहद नाराज...
इधर पूरे मामले में एक आरोपी की बैतूल न्यायालय से आसानी से जमानत हो गई। जब यह बात पीएचक्यू तक पहुंची तो डीजीपी ने इतने संगीन और बड़े मामले में इस तरह से आरोपी को जमानत मिलने पर अपनी खुली नाराजगी जाहिर की। बताया जाता है कि उन्होंने हाईकोर्ट तक इस मामले को लेकर बात की है। वहीं डीजीपी की नाराजगी को देखते हुए एसपी को तत्काल टीआई को नोटिस देना पड़ा।   

- मामले में जब्ती ना होना बड़ा सवाल...
मामले में जिस तरह से पुलिस ने खुलासे किए और एसपी ने तीन बार प्रेस कान्फ्रेंस ली और बड़ी रकम की अफरा-तफरी तो बताई लेकिन पुलिस मामले में जब्ती को लेकर कुछ खास नहीं कर पाई? पुलिस द्वारा जो भी कहानी प्रस्तुत की गई उसमें जब्ती सबसे कमजोर कड़ी मानी जा रही है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 28 दिसंबर 2025