बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। मेंढा जलाशय से संचालित होने वाली समूह नलजल योजना के निर्माण में तमाम तरह की तकनीकी खामियां और धांधली की जा रही है? उसका नमूना यदि देखना है तो समीपस्थ ग्राम सराड़ में देखा जा सकता है। यहां पर होने वाले घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने बकायदा शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत को कोई तवज्जों नहीं दी गई? बताया जा रहा है कि मेंढा जलाशय से जो समूह नलजल योजना शुरू होगी उसमें सराड़ भी जुड़ा हुआ है और इसलिए सराड़ में इंटकवेल बनाया जा रहा है जहां से पेयजल की सप्लाई होगी। सराड़ के पूर्व उप सरपंच शिव बड़ोदे ने बताया कि यहां पर जो इंटकवेल बनाया जा रहा है उसमें 12 और 16 एमएम के लोहे की जगह 6 और 8 एमएम के लोहे का उपयोग किया जा रहा है? वहीं उन्होंने बताया कि यहां पर जिस सीमेंट का उपयोग हो रहा है उसमें एक्सपायरी डेट नहीं देखी जा रही है? मतलब यह है कि 90 दिन से ज्यादा पुरानी सीमेंट का उपयोग हो रहा है? वहीं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस नलजल योजना के लिए कांक्रीट में जिस रेत का उपयोग किया जा रहा है वह भसवा से भी घटिया रेत है जिसमें मिट्टी की मात्रा बहुत ज्यादा है? इतना सब होने के बावजूद भी सही तरीके से तराई तक नहीं की जा रही है? इससे भविष्य में यह कांक्रीट टूटेगा और यह इंटकवेल फेल हो जाएगा? ग्रामीणों ने बताया कि शिकायत होने के बाद भी कोई एक्शन प्रशासन द्वारा नहीं लिया जाता है? उनका कहना है कि यहां ठेकेदार खुली मनमानी कर रहा है और तमाम तकनीकी मापदंड ताक पर रख दिए गए है?

- जल निगम का कोई भी इंजीनियर या एसडीएम मौके पर नहीं रहता मौजूद...
जिले में चार समूह नलजल योजनाएं संचालित हो रही है उसमें से मेंढा सबसे बड़ी नलजल योजना है, इसके बावजूद स्थिति यह है कि निर्माण स्थल पर जल निगम का कोई भी एसडीओ या इंजीनियर मौजूद ही नहीं रहता? पूरा काम ठेका कंपनी के भरोसे छोड़ दिया है और ठेका कंपनी भी खुली मनमानी कर रही है, इस वजह से नलजल योजना में जो निर्माण हो रहा है वह घटिया स्तर का है? सबसे बड़ी समस्या यह है कि जल निगम का कार्यालय बैतूल में नहीं है छिंदवाड़ा में स्थित है और मॉनीटरिंग वहां से होने से ठेकेदार को खुली छूट मिली हुई है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 31 दिसंबर 2025