बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। वाणिज्य कर विभाग बैतूल वृत्त में जीएसटी संग्रह को लेकर अप्रैल से दिसम्बर तक जो स्थिति सामने आ रही है उसमें यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि टारगेट के मुकाबले कम जीएसटी संग्रह हो रहा है और हर माह कम कलेक्शन प्रतिशत बढ़ रहा है। इस स्थिति में होने वाली समीक्षा में वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों द्वारा जो तर्क दिए जा रहे है वे महज बहाना माना जाएगा? स्थिति यह है कि अप्रैल से दिसम्बर तक 14958 लाख का जीएसटी कलेक्शन होना था लेकिन हो पाया 12657.83 लाख का ही कलेक्शन हुआ? यदि ओवरऑल देखा जाए तो करीब 15.38 फीसदी कलेक्शन टारगेट के मुकाबले कम हुआ है। 31 मार्च तक 20784 लाख का कुल टारगेट है। जो स्थिति है उसमें यह टारगेट पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है?

- टारगेट के मुकाबले कम जीएसटी संग्रह को लेकर विभाग यह है तर्क...
तर्क 01:  79 विवरणी जमा होना बाकी...
विभाग के अनुसार 24 दिसम्बर तक आईजीएसटी सेटलमेंट व्यवसायियों की जो विवरणी जमा हुई है उसमें वृत्त के लगभग 79 व्यवसायियों द्वारा विवरणी जमा किया जाना शेष है और इस वजह से दिसम्बर माह में आईजीएसटी सेटलमेंट राशि कम प्राप्त हुई है? 
- तर्क 02:  सितम्बर में जीएसटी दर में कमी...
जीएसटी अधिनियम द्वारा माह सितम्बर 2025 में जीएसटी टैक्स की दरों को कम किया गया है। जिससे लक्ष्य में कमी दिखाई देती है और इसलिए अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर में टारगेट के मुकाबले जमा टैक्स की कमी में अंतर बढ़ता गया है?

- अर्थशास्त्री का यह है तर्क : बाजार में उठाव ना होने का यह है सीधा असर...
जीएसटी में टारगेट के मुकाबले कमी आने को लेकर अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि बाजार में पैसा नहीं आ रहा है और इसलिए खरीददारी कम है? मतलब सप्लाई और डिमांड चैन प्रभावित होने से जीएसटी कम हुआ है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 02 जनवरी 2026