(बैतूल) सिंचाई के पानी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में विवाद और टकराव की बन रही स्थिति , - जल संसाधन विभाग अपनी भूमिका का नियम अनुसार नहीं करता निर्वहन
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जो छोटे स्तर के डेम है उनसे सिंचाई का लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों में वाद-विवाद और टकराव की स्थितियां नजर आ रही है और ग्रामीण पानी चोरी को लेकर शिकायतें करते नजर आ रहे है? यदि जल संसाधन विभाग ने इस तरह के विवादों का समय रहते निपटारा नहीं किया तो किसी दिन बड़ा विवाद या फसाद हो सकता है। मंगलवार को बुकाखेड़ी डेम से पानी चोरी की शिकायत लेकर बघोली बुजुर्ग, कोलीढाना और बाढिय़ा के करीब आधा सैकड़ा किसान बैतूल पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर को आवेदन भी दिया है। उन्होंने बताया कि बुकाखेड़ी डेम का निर्माण करीब 10 वर्ष पहले किया गया था। इस डेम से बघोली और बाढिय़ा क्षेत्र में नहर द्वारा सिंचाई की जाती है। इससे लगभग ढाई सौ से 300 किसानों को गेंहू की फसल के लिए 10 वर्ष से पानी मिल रहा है। वहीं उनका कहना है कि इसमें व्यवधान यह है कि कुछ ग्रामीण अवैध रूप से डेम में मोटर पाईप डालकर पानी चोरी कर रहे है। उनके अनुसार करीब चार से पांच किलोमीटर पाईप लाईन बिछाकर मालेगांव, डहुआ, पारड़सिंगा तक पानी ले जाकर सिंचाई की जा रही है। उनका कहना है कि उक्त किसानों द्वारा कम रकबा दर्शाकर परमिशन ली गई, लेकिन उनके द्वारा अवैध रूप से ज्यादा पानी उठाकर पानी अन्य किसानों को बेचा भी जा रहा है। उनका कहना है कि इसकी वजह से नहर की वजह से आसपास के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है और उनकी फसल सूखने पर आ गई है। उन्होंने बताया कि मात्र 100 पाईप तक पानी ले जाने की परमिशन जल संसाधन विभाग दे सकता है, लेकिन यहां पर 400 से 500 पाईप लगाकर 5 किलोमीटर तक पानी ले जाया जा रहा है। यह पानी मालेगांव, चैनपुर, पारड़सिंगा, डहुआ के किसानों द्वारा लिया जा रहा है और इस संबंध में तत्काल कार्रवाई होना चाहिए। उन्होंने बताया कि शुरूआत दो वर्ष में नहर से सुचारू पानी मिलता था, लेकिन विगत कुछ वर्षो से डेम में मोटर लगाकर पानी उठाने से नहर वाले किसानों को पानी नहीं मिल पाता है।
इसी तरह कुछ और डेम सिंचाई क्षेत्र से शिकायतें सामने आई है कि कमांड एरिया के किसानों के अलावा अन्य क्षेत्र के किसान डेम में मोटर पाईप लगाकर पानी उठा रहे है जिससे उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। वर्तमान में रबी सीजन में सिंचाई के पानी के लिए इस तरह के वाद-विवाद और शिकवा शिकायतें सामने आ रही है जो भविष्य में बड़े फसाद का कारण बन सकती है। माना जा रहा है कि जल संसाधन विभाग सही तरीके से अपनी भूमिका का निर्वहन नहीं करता। इसलिए ऐसा होता है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 फ़रवरी 2026


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