बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सरकारी ब्लड बैंक हो या गैर सरकारी इनका संचालन किस तरह से हो रहा है इसको लेकर अब एनएचएम गंभीर हो गया है और उसने सभी ब्लड बैंक को ऑडिट करने के निर्देश जारी किए है। बैतूल जिले में जिला अस्पताल और पाढर अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा है। वैसे जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का लाईसेंस रिनीवल है या नहीं यह अभी जांच का विषय है? बताया गया कि ब्लड बैंक संचालन में कई तरह की गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह दिशा निर्देश जारी किए गए है? अब ब्लड बैंक का जो ऑडिट होगा वह सीडीएससीओ द्वारा ब्लड सेंटरों का रिस्क बेस्ड आधार पर होगा। इसमें तमाम जिम्मेदारी ड्रग कंट्रोलर की होगी वे अपने प्रतिनिधि से यह ऑडिट कराएंगे। 

- ई - रक्त पोर्टल से करना है कनेक्ट...
सभी ब्लड सेंटर का संचालन डिजिलाईज्ड किया जाकर ई-रक्त पोर्टल पर लिंकेज सुनिश्चित किया जाना है। आभा लिंकेज के साथ रक्तदाताओं के नाम संपूर्ण जानकारी आदि रखना है।

- ई - कॉस प्रोग्राम में पंजीकरण...
ब्लड बैंक में जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सुरक्षित रक्तदान प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के दिशा निर्देश अनुसार ब्लड सेंटर का ई-कॉस प्रोग्राम में पंजीकरण सुनिश्चित करना है। 

- इन बिंदुओं पर होगा ऑडिट...
1 - ब्लड सेंटर का संचालन लाईसेंस वैद्यता, आवश्यक अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण तथा ड्रग तथा कॉस्मेटिग एक्ट 1940 के प्रावधान के अनुसार हो रहा है या नहीं?
2 - ब्लड सेंटर अनिवार्य टीटीआई जांच जैसे एचआईवी, हेपेटाईटिस बी, मलेरिया एवं सिफिलिस टेस्ट अनिवार्य रूप से किए जाए?
3 - ब्लड सेंटर में प्रोसेसिंग निर्धारित स्टेडंर्ड एसओपी के तहत की जाए? रक्तदाताओं का चयन, काउंसिलिंग, रिएकिटव जांच पर डोनर ट्रैकिंग, रेफलर तथा अयोग्य रक्तदाताओं की पहचान।
4 - ब्लड सेंटर पर रिपलेसमेंट डोनर पर निर्भरता कम करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 15 फ़रवरी 2026