बैतूल (हेडलाइन) / नवल वर्मा। शहर में अपने स्वयं स्वतंत्र पैथालॉजी चलाने वालों पर तो अक्सर सवाल उठते है और स्वास्थ्य विभाग उनके खिलाफ जांच-पड़ताल भी शुरू कर देता है, लेकिन सीम्स हॉस्पिटल जैसे संस्थान में संचालित हो रही पैथालॉजी लैब को लेकर कभी जांच-पड़ताल ही नहीं होती! जबकि इस तरह से लैब के संचालन को लेकर अक्सर सवाल उठते है? सबसे बड़ी बात यह है कि डॉ. श्याम सोनी स्वयं तो एमडी पैथालॉजिस्ट है ही नहीं,वहीं उनके यहां कोई अन्य स्थाई एमडी पैथालॉजिस्ट पदस्थ नहीं है फिर सवाल यह है कि उनके यहां जो पैथालॉजी रिपोर्ट दी जाती है उसका वेरीफिकेशन कौनसा एमडी पैथालॉजिस्ट करने के बाद जांच रिपोर्ट जारी कर रहा है? इस तरह के सवाल एक बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करते है जिसकी जांच स्वास्थ्य विभाग को तत्काल करना चाहिए? जिससे कि सच्चाई सबके सामने आ सके?

बड़ा सवाल...लैब का रजिस्ट्रेशन है या नहीं?
सीम्स हॉस्पिटल में संचालित लैब का नियम अनुसार रजिस्टे्रशन है या नहीं यह भी बड़ा सवाल है? यहां पर कार्य करने वाले लैब टैक्नीशियन पैरामेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रर्ड है या नहीं? वहीं सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि रिपोर्ट का परीक्षण करने के लिए एमडी पैथालाजिस्ट होना चाहिए वह है या नहीं? यह वह सवाल है जो इस बात को प्रमाणित कर सकते है कि लैब का संचालन नियम अनुसार नहीं हो रहा है और इसकी त्वरित जांच कराई जाना चाहिए?

- बिना अधिकृत मशीनों के भी जांच रिपोर्ट दी जा रही...

सीम्स हॉस्पिटल से दी जाने वाली पैथालॉजी की रिपोर्ट को लेकर यह भी सामने आ रहा है कि ऐसी जांचों की भी रिपोर्ट यहां की लैब से दी जाती है, जिसके लिए तकनीकी गुणवत्ता वाली मशीन का होना जरूरी है? वहीं मशीन से प्राप्त रिपोर्ट का एनालिसिस करने के लिए अधिकृत पैथालॉजिस्ट एक्सपर्ट होना चाहिए? बिना उसके हस्ताक्षर के रिपोर्ट भी नहीं दी जाना चाहिए? यदि ऐसा नहीं है तो जो रिपेार्ट दी जाएगी उसकी गुणवत्ता पर स्वत: प्रश्रचिन्ह लग जाएगा? लोगों से जो जानकारी सामने आ रही है कि उसके अनुसार तो सीम्स हॉस्पिटल के मामले में इसी तरह की स्थितियां सामने आ रही है इसलिए यहां पर तत्काल जांच की जरूरत आम लोगों द्वारा बताई जा रही है?

- इनका कहना...


मामला हमारे संज्ञान में आया है वर्तमान में जो उनकी जांच चल रही है उसी में इस बात की भी जांच की जाएगी, साथ ही उनसे लैब संचालन को लेकर अनिवार्य और अधिकृत दस्तावेज भी मांगे जाएंगे, जल्द ही आपको परिणाम देखने को मिलेगा।
डॉ. मनोज हुरमाड़े , सीएमएचओ, स्वास्थ्य विभाग, बैतूल।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 19 फ़रवरी 2026