बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। टिकारी लिंक रोड स्थित सीम्स हॉस्पिटल की सेवाओं और गतिविधियों को लेकर बैतूल के नागरिकों के अंदर जो आक्रोश है वह राष्ट्रीय दिव्य दुनिया में प्रकाशित हो रही खबरों की वजह से खुलकर बाहर आने लगा है, अब बैतूल के नागरिक ही फोन करके अपनी आपबीती बता रहे है। अनेक नागरिकों ने बताया कि सीम्स हॉस्पिटल में इलाज कराने पर मरीज को दी गई सेवाओं के आधार पर पक्का बिल नहीं दिया जाता है बल्कि उन्हें सादे कागज पर हाथ से लिखकर भुगतान ले लिया जाता है? जागरूक नागरिकों का कहना है कि इस बिल से पता ही नहीं चलता कि क्या इलाज किया गया किस तरह से इलाज किया गया और उसका क्या चार्ज लगाया गया? नियम से पक्का बिल देते है तो जिन्होंने इलाज कराया उनके पास इस बिल को लेकर उपभोक्ता फोरम के भी रास्ते भी खुले रहते? सबसे ज्यादा लोगों को तकलीफ इस बात की है कि बिल भुगतान को लेकर डॉ. श्याम सोनी के हॉस्पिटल का संबंधित स्टॉफ तो जो रूख दिखाता है वह अपनी जगह सही है, लेकिन उनके पिता और डॉ. श्याम सोनी जिस तरह का व्यवहार दिखाते है वह सभ्य और शिक्षित व्यक्ति का तरीका नहीं माना जा सकता है? लोगों का कहना है कि अक्सर यहां बिल को लेकर वाद-विवाद होते हुए देखे जाते है? लोगों ने बताया कि डॉ. श्याम सोनी के हॉस्पिटल में दी जाने वाली सेवाओं को लेकर किसी भी तरह का कोई बोर्ड लगाया ही नहीं लगाया गया है, इसलिए पता ही नहीं चलता कि किस सर्विस का क्या भुगतान लिया जा रहा है? 

- गंदे बिस्तर पर लेटाकर बताया जाता है कि आप आईसीयू में है...
अनेक मरीजों या उनके परिजनों ने स्पष्ट रूप से बताया कि आईसीयू के नाम पर तगड़ा चार्ज लिया जाता है? मरीज को एक गंदे बिस्तर पर लिटा दिया जाता है और उसके परिजनों को बताया जाता है कि आपका मरीज आईसीयू में भर्ती है? हालत क्रिटिकल है और इस आधार पर परिजनों को मरीज से मिलने भी नहीं दिया जाता है? यह तमाम बाते बताती है कि डॉ. श्याम सोनी किस तरह की व्यवसायिक सोच के साथ इस हॉस्पिटल का संचालन कर रहे है? इस हॉस्पिटल को लेकर लोगों का अनुभव बहुत खराब है, बैतूल के नागरिक मानते है कि बैतूल में और भी डॉक्टर्स है लेकिन वे डॉ. श्याम सोनी और उनके सीम्स हॉस्पिटल की तरह मरीजों के साथ व्यवहार नहीं करते।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 23 फ़रवरी 2026