(बैतूल) जिस एसडीएम को विभागीय कामकाज से फुरसत नहीं है उसे मंडी के साथ ही नगर पालिका और डूडा का भी चार्ज दे दिया, - बैतूल जैसी बड़ी नपा में अतिरिक्त प्रभार की वजह से व्यवस्थाएं ले सकती है विस्फोटक रूप
बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा। सीएमओ सतीश मटसेनिया के सस्पेंशन के बाद बैतूल नगरपालिका सीएमओ का चार्ज फिलहाल एसडीएम बैतूल अभिजीत सिंह को दे दिया गया है। एसडीएम अभिजीत सिंह कुशल अधिकारी है लेकिन समस्या यह है कि उनके पास अतिरिक्त प्रभार मंडी का पहले से है। ऐसे में वे नगरपालिका और डूडा के इस अतिरिक्त प्रभार के साथ कैसे न्याय कर पाएंगे। बैतूल नगरपालिका वैसे ही संवेदनशील नगरपालिका में गिनी जाती है। यहां पर फूल टाईमर सीएमओ की जरूरत रहती है। वर्तमान में एसडीएम के पास बैतूल अनुविभाग से जुड़े राजस्व सहित न्यायिक दंडाधिकारी का काम वैसे ही ज्यादा रहता है। यह भी फूल टाईमर जॉब है। वहीं उन्हें पहले से मंडी का प्रभार दे रखा है। एसडीएम और उससे जुड़े कामकाज की वजह से बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह मंडी पर भी फोकस नहीं कर पाते है और वहां किस तरह की अव्यवस्थाएं फैली है यह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है। वहीं बैतूल नगरपालिका में महिला अध्यक्ष होने के कारण सीएमओ की जवाबदारी और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में अभिजीत सिंह अपने इन अतिरिक्त प्रभार के साथ बैतूल नगरपालिका को कैसे संभालेंगे यह सवाल सभी के सामने है?
बैतूल नगरपालिका में नियमित रूप से सीएमओ का बैठना जरूरी होता है क्योंकि वहां लोगों की समस्याओं से लेकर पार्षदों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा करना पड़ता है। खैर अभिजीत के पास यह प्रभार कितने दिन रहता है और कब बैतूल नपा में नए सीएमओ की पदस्थापना रहती है इस पर सभी की नजर है। नगरपालिका में जिस तरह का काकस काम करता है उससे एसडीएम को विशेष तौर पर सावधान रहना चाहिए। बताया जा रहा है कि इसी काकस के षडय़ंत्र की वजह से सीएमओ मटसेनिया इस स्थिति में पहुंचे है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 27 फ़रवरी 2026


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