बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। करीब 16 वर्ष बाद होने जा रही जनगणना में जो फार्मेट है उसमें सिर्फ नागरिकों की गिनती नहीं की जाएगी बल्कि उनके रहन-सहन आदि की भी जानकारी ली जाएगी। इसमें यह भी पूछा जाएगा कि आप किस तरह के मकान में रहते है? मकान की छत पक्की है या कच्ची, मकान के फर्श पर टाईल्स लगी है या मार्बल? वर्तमान में आज से मकानों की नंबरिंग का काम शुरू हो चुका है और 1 मई से जनगणना शुरू हो जाएगी। वर्ष 2011 में जनगणना हुई थी और इसके बाद 2021 में होने वाली थी, लेकिन कोरोना की वजह से यह जनगणना टल गई। अब यह जनगणना फिर हो रही है और इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाईयां भी चल रही है। वर्ष 2011 की जनगणना में बैतूल जिले में 15 लाख 75 हजार 362 कुल आबादी थी इसमें 7 लाख 99 हजार 236 करीब 50.7 फीसदी पुरूष थे वहीं 7 लाख 76 हजार 126 करीब 49.3 फीसदी महिलाए थी। 

 

- 2026 में बैतूल की जनसंख्या 18 लाख से अधिक हो जाएगी...

 जहां 2011 में बैतूल जिले की जनसंख्या 15 लाख 75 हजार 362 है, वहीं बैतूल जिले की जन्मदर के आधार पर यदि आंकलन किया जाए तो पिछले 16 वर्ष में यह जनसंख्या बढक़र करीब 18 लाख 10 हजार से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। 

नए सिरे से मिलेंगे गणना के दौरान मकानों को नंबर

गणना के दौरान मकानों को नए सिरे से मकान नंबर भी दिए जा सकते है। यह इसलिए किए जा रहा है कि मकानों के अभिलेख को व्यवस्थित किया जा सके। नए मकान नंबर पुराने मकान नंबर के स्थान पर सरकारी दस्तावेजों में बदलेंगे जा सकेंगे।

 

- इस तरह की जानकारी ली जाएगी...

1 - मकान के फर्श में प्रयुक्त सामग्री।

2 - मकान की छत में प्रयुक्त सामग्री।

3 - मकान के उपयोग और हालत।

4 - परिवार के सदस्यों की संख्या। 

5 - मुखिया का नाम और लिंग। 

6 - मुखिया किस वर्ग का है।

7 - मकान के स्वामित्व की स्थिति।

8 - मकान में कमरों की उपलब्धता।

9 - परिवार में विवाहित जोड़ें।

10 - पेयजल उपलब्धता और स्त्रोत।

11 - प्रकाश की उपलब्धता स्त्रोत।

12 - शौचालयों की सुलभता और प्रकार

13 - गंदे पानी की निकासी।

नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 02 मार्च 2026