(बैतूल) उबलता बैतूल... गर्मी का जो तीखापन अप्रैल में आता है, अब वह मार्च में ही महसूस हो रहा - अंधाधुंध वृक्षों की कटाई और सीमेंटीकरण वाला विकास बैतूल को पड़ रहा महंगा
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल जिसे मिनी पचमढ़ी कहा जाता है वह पिछले कुछ वर्षो में अपने मूल स्वभाव को खोते जा रहा है। इसका प्रमाण यह है कि गर्मी का जो तीखापन सामान्य तौर पर अप्रैल में ही महसूस किया जाता था वह अब वह मार्च के दिन समय चुभने लगा है। जिस तरह से पिछले कुछ वर्षो में गर्मी में तापमान बढ़ते जा रहा है उसे देखकर बैतूल को उबलता बैतूल भी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी? इसका बड़ा कारण विकास के नाम पर कांक्रीट का जंगल खड़ा करना और शहर के अंदर अंधाधूंध पेड़ों की कटाई करना। इसके साथ-साथ बैतूल के आसपास की पहाडिय़ों को भी बेरहमी के साथ जमीदोंज किया जा रहा है। इसका भी असर मौसम पर पड़ रहा है, यही कारण है कि मार्च में ही तापमान 35 डिग्री तक पहुंच चुका है। पहले रात ठंडी होती थी, लेकिन अब मार्च में ही रात में बैतूल शहर के अंदर हल्की सी उमस महसूस की जाने लगी है।
- 10 वर्ष में बैतूल शहर में जितने पेड़ कटे उसके 10 फीसदी भी पौध रोपण में जिंदा नहीं बचे...
बैतूल शहर में और उसके आसपास पिछले 10 वर्षो में अलग-अलग विकास के प्रोजेक्ट में या निर्माण कार्यो में पेड़ों की कटाई हुई है उसका कोई ठोस हिसाब नहीं है, लेकिन नगरपालिका द्वारा दी गई मंजूरी को ही देखा जाए तो कम से कम 4 हजार पेड़ इस दौरान शहर में धराशाही हुए है? वहीं हर बारिश के बाद जो सरकारी पौध रोपण होता है उसमें इसके मुकाबले 10 फीसदी पौधे भी जिंदा बचकर पेड़ नहीं बन पाए?
- शहर में चारों तरफ खड़ा हो रहा कांक्रीट का जंगल, बढ़ा रहा है तापमान...
बैतूल शहर में और उसके आसपास अब खाली जमीनें बची नहीं है। शहर से लगे क्षेत्र में जो खेत थे वे अब कांक्रीट के जंगल में बदलते जा रहे है। वहां वैध-अवैध कालोनियां उग रही है? इसके अलावा शहर में कांक्रीट की सडक़ें बन रही है और ज्यादातर निर्माण अब कांक्रीट से ही हो रहा है? इसका भी असर शहर में वाटर लेबल से लेकर शहर का तापमान बढ़ाने में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
- बेरहमी के साथ पहाडिय़ों का किया गया छलनी ...
कोसमी क्षेत्र की पहाडिय़ां हो या सोनाघाटी की पहाडिय़ा या फिर चक्कर रोड की पहाडिय़ां यदि इन्हें देखा जाए तो बड़ी बेरहमी के साथ पिछले कुछ वर्षो में जमींदोज किया गया है और किया भी जा रहा है? जिस तरह से यह पहाडिय़ां छलनी हो रही है यह भी तापमान बढऩे का एक बड़ा कारण है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 07 मार्च 2026


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