(बैतूल) जनसुनवाई महज कूरियर सर्विस, आवेदन पर नहीं होती किसी तरह की भी कार्रवाई , - जनसुनवाई के आवेदन पर कार्रवाई से आवेदनकर्ता को अवगत कराने का कोई सिस्टम नहीं
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। प्रति मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई को लेकर आम लोगों में कोई बहुत ज्यादा उत्साह नहीं है? जो लोग जनसुनवाई में आवेदन, निवेदन कर चुके है उनका कहना है कि यहां पर आवेदन देने से किसी भी तरह से कोई कार्रवाई नहीं होती और ना ही किसी तरह की कोई राहत मिलती है? जनसुनवाई के अनुभव के आधार पर अनेक लोगों ने यह कहा कि यह महज एक कूरियर सर्विस की तरह है, यहां पर आवेदन देने के बाद दूसरे संबंधित अधिकारियों को दे दिया जाता है? यहां से एक नंबर मिल जाता है, लेकिन उस नंबर के आधार पर किसी तरह की कोई कार्रवाई सामने नहीं आती है। आवेदकों का कहना है कि छोटी-छोटी समस्याओं के मामले में भी जनसुनवाई से उन्हें राहत नहीं मिली है? लोगों का कहना है कि जनसुनवाई को लेकर जो प्रशासनिक दावे सामने आते है वे हकीकत नहीं है? उनका कहना है कि इसका बड़ा कारण यह है कि आवेदनकर्ता को उसके आवेदन पर होने वाली कार्रवाई से कभी अवगत नहीं कराया जाता और ना ही जो आवेदन दिया जाता है उस पर कार्रवाई के लिए कोई टाईम लिमिट तय की जाती है? इसलिए कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद यह आवेदन जब संबंधित विभाग के पास पहुंचता है तो वहां इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कई बार तो आवेदनकर्ता एक ही मामले में दो-दो, तीन-तीन बार आवेदन देता है फिर भी उसके आवेदन पर किसी तरह कोई एक्शन नहीं होता है, इसलिए लोग इससे निराश है।
- केस स्टडी : 1: पन्द्रह महीने बाद भी ना जांच ना कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध...
जनसुनवाई को लेकर आरटीआई में आवेदनों पर जब जानकारी मांगी गई तो यह सामने आया कि 7 जनवरी 2025 को जनसुनवाई में दिए गए आवेदन क्रमांक 4877 में यह बताया गया कि जांच एवं कार्रवाई का प्रतिवेदन शिकायत शाखा में उपलब्ध ही नहीं है? बताया गया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन संबंधित विभाग को प्रेषित किए जाते है और विभाग द्वारा निराकरण कर सीधे पोर्टल पर उल्लेक्षित किया जाता है?
- केस स्टडी : 2 : 26 माह बाद भी आवेदन पर किसी तरह का कोई एक्शन नहीं...
31 दिसम्बर 2024 को दिए गए आवेदन क्रमांक 4778 को लेकर आरटीआई में बताया गया कि जांच एवं कार्रवाई का प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं है और जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन संंबधित विभाग को भेजा गया था। संबंधित विभाग ने भी पोर्टल पर कोई निराकरण नहीं बताया केवल कार्रवाई लंबित बताया है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 मार्च 2026


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