(बैतूल) एसडीएम के तमाम आदेश धरे रह गए, व्यापारियों ने मंडी को फिर बनाया मक्का का डम्पिंग यार्ड ! - मंडी में व्यापारियों के सिंडीकेट के सामने शासन-प्रशासन और नियम कायदे है फेल
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल कृषि उपज मंडी में फिर व्यापारियों ने अपना माल डम्प कर लिया है? होली के बाद बड़ी मात्रा में मक्का की आवक हुई और जिन व्यापारियों ने खरीदी की और उन्होंने 24 घंटे में यहां से मक्का उठाकर अपने गोडाउन ले जाने की जगह मंडी में ही डम्प कर लिया? बताया जा रहा है कि तकरीबन 50 हजार क्विंटल से ज्यादा माल फिलहाल मंडी में डम्प है? अब ऐसी स्थिति में गेहूं की आवक भी शुरू हो चुकी है, किसान के लिए मंडी में जगह ही नहीं है। यह सब जब हो रहा है जब अभी कुछ दिनों पहले ही मंडी के भार साधक अधिकारी और बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह ने मंडी में निरीक्षण कर बैठक लेने के बाद तमाम तरह के दिशा निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद यह सबकुछ होना बताता है कि बैतूल मंडी में जिन व्यापारियों का सिंडीकेट है उनके सामने प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह से फेल है और उन पर इन आदेशों का कोई असर नहीं होता?
- 6 मार्च को एसडीएम ने जारी किए थे यह दिशा निर्देश...
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं सह-भारसाधक अधिकारी की अध्यक्षता में मंडी के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों की आकस्मिक बैठक आयोजित की गई, बैठक में मंडी में अपनी कृषि उपज विक्रय के लिए आने वाले किसानों को नीलामी, तौल और भुगतान संबंधी होने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं सह-भारसाधक अधिकारी ने किसानों को मंडी प्रांगण में होने वाली असुविधाओं को प्राथमिकता के साथ तत्काल दूर करने के निर्देश मंडी स्टाफ को दिए। साथ ही आगामी गेहूं सीजन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गेहूं सीजन में किसानों की उपज की खुली ट्रॉली में ही नीलामी करने, नीलामी के तुरंत बाद प्लेट कांटे पर तुलाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए।
- बैतूल मंडी में तो प्रभारी मंत्री के आदेश भी बेअसर...
1 - प्रभारी मंत्री ने कहा था कि एसडीएम प्रतिदिन दो घंटे मंडी में देंगे, लेकिन जिले में ऐसा कहीं नहीं हो रहा है?
2 - फरवरी में जब प्रभारी मंत्री और कलेक्टर मंडी पहुंचे तब उन्होंने व्यापारियों पर जुर्माने लगाने के निर्देश दिए थे लेकिन जो आज तक जमा नहीं कराया गया?
3 - कलेक्टर और प्रभारी मंत्री ने किसानों को नगद भुगतान के आदेश दिए थे, लेकिन इस आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है?
4 - मंडी में तुलाई को लेकर भी किसानों का शोषण ना होने को लेकर निर्देश दिए गए, लेकिन अभी भी वसूली जारी है?
- इनका कहना...
- बैतूल मंडी में किसी का कंट्रोल नहीं है, कुछ व्यापारियों के हाथों में सबकुछ है।
- रमेश गायकवाड़, पूर्व अध्यक्ष किसान कांग्रेस।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 13 मार्च 2026


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