बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। राजस्व विभाग का लंबा चौड़ा अमला ग्राम कोटवार से लेकर आरआई, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर और कलेक्टर तक तमाम अमला मैदानी स्तर पर सक्रिय नजर आता है। इसके बावजूद स्थिति यह है कि अलग-अलग मद में राजस्व विभाग को जो वसूली करना रहता है उसकी स्थिति बहुत खराब है। इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 35 प्रतिशत ही वसूली सामने आ रही है। 27 फरवरी तक की स्थिति में जिले की 11 तहसीलों में वसूली की यह स्थिति बताती है कि राजस्व का अमला कर क्या रहा है। हालांकि यह अमला यह बहाने कर सकता है कि एसआईआर जैसी एक्सरसाईज में व्यस्त होने के कारण वे इस पर फोकस नहीं कर पाए, लेकिन यह सच्चाई नहीं है? वजह यह है कि एसआईआर की प्रक्रिया मात्र दो महीने चली बाकी 10 महीने में अमले ने क्या किया क्या नहीं यह समीक्षा का विषय है? दरअसल अमला उन्हीं कामों में फोकस करता है जिसमें उसे अपना व्यक्तिगत इंट्रेस नजर आता है। यही कारण है कि राजस्व विभाग में सीएम हेल्पलाईन, जनसुनवाई में की सर्वाधिक शिकायतें होती है और पेडिंग भी रहती है। इसके अलावा नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के मामलों में भी कलेक्टर की समीक्षा में जो आंकड़े सामने आते है वे बताते है कि वास्तव स्थिति क्या है?

- मुलताई तहसील में वसूली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब...
यदि जिले की सभी 11 तहसील में वसूली के मामले में सबसे खराब स्थिति यदि किसी तहसील की है तो वह मुलताई तहसील है यहां पर लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 19.83 फीसदी वसूली हो पाई है। इसके अलावा चिचोली में 20.26 फीसदी और बैतूल ग्रामीण में 25.73 फीसदी ही राजस्व की वसूली हुई है। यह स्थिति तब है जब कुछ समय पहले कलेक्टर ने बकायदा वसूली के लिए अभियान चलाया था और उस समय तहसीलदार दूसरे काम यह कहकर नहीं कर रहे है कि अभी पूरा फोकस वसूली पर है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 15 मार्च 2026