(बैतूल) नये ग्रुप बनाने और फिर ग्रुपों को तोडऩे से सवालों के घेरे में जिला आबकारी अधिकारी, - चलती नीलामी प्रक्रिया में कुछ ग्रुपों में दुकानों को कम ज्यादा किये जाने को लेकर चल रही कवायद
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। वर्तमान में आगामी वित्त वर्ष के लिए शराब दुकानों के ठेके को लेकर प्रक्रिया चल रही है, इस प्रक्रिया में जिस तरह से बैतूल जिले के आबकारी अधिकारी ने पहले नये सिरे से ग्रुप बनाए और फिर अब इन ग्रुपों को भी तोडक़र अलग-अलग ग्रुप किए जा रहे है? यह सब आबकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली और नियत पर गंभीर प्रश्र चिन्ह खड़ा कर रहा है? शराब ठेकों में रूचि रखने वाले में ही कानाफूसी हो रही है कि नये सिरे से ग्रुप बनाने या फिर बने हुए ग्रुपों में तोडफ़ोड़ करने में शासन को क्या फायदा है ? जो आबकारी के सिस्टम को समझते है उनका कहना है कि शासन की मंशा तो सिर्फ 20 फीसदी अधिक राजस्व अर्जित करने की है यदि पुराने ग्रुप सिस्टम से ठेके होते तो भी इतना राजस्व तो शासन को इन ठेकों की नीलामी से मिल ही जाता फिर सवाल यह है कि आखिर नये सिरे से ग्रुपिंग करने के पीछे असली खेल क्या है?
- इस तरह समझे पहले और अब के ग्रुप में फर्क...
1 - वर्तमान में चल रहे ठेके में गंज ग्रुप में गंज दुकान, बडोरा दुकान और राजेन्द्र वार्ड की दुकान शामिल थी, लेकिन जो अब नये ग्रुप बनाए गए उसमें बैतूल गंज में बैतूल गंज-1, बैतूल गंज-2, कोठीबाजार और हमलापुर की दुकानों को शामिल किया गया है।
2 - पहले प्रताप वार्ड समूह में प्रताप वार्ड सदर, टिकारी की दुकानें आती थी, लेकिन अब नये ग्रुप में इसमें बडोरा और बैतूल शहर को भी जोडऩा बताया गया है।
- सवाल 01: - पहले एक ग्रुप में अधिकतम दो या तीन दुकानें...
वर्तमान में चल रहे ठेके में किसी भी ग्रुप में दो से तीन से अधिक दुकानें नहीं है। वहीं जो नये ठेके हो रहे है उसमें किसी ग्रुप में चार किसी में पांच तो किसी में 6 तक दुकानें शामिल की गई है? अब सवाल यह है कि राजस्व बढ़ाने के लिए गु्रपों में दुकानें बढ़ाने का फार्मूला क्यों लाया गया?
सवाल 02: - किसी ठेकेदार का गणित या शासन का फायदा...
कहा जा रहा है कि इस तरह की स्ट्रेटजी के पीछे किसी खास ठेकेदार की बुद्धि या गणित हो सकता है और इसको लेकर काफी कानाफूसी है और इस कानाफूसी का केन्द्र जिला आबकारी अधिकारी है? वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि इस तरह के फार्मूले पूरे प्रदेश में चल रहे है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 16 मार्च 2026


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