(बैतूल) डॉ. श्याम सोनी ने सीम्स हॉस्पिटल के लिए अनुमति प्राप्त करने में किया फर्जीवाड़ा! - साफ तौर पर शासन से धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना चाहिए एफआईआर
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। किसी भी निजी अस्पताल संचालन के लिए अनिवार्य डॉक्टर और स्टॉफ की जानकारी अनुमति के समय स्वास्थ्य विभाग को देनी पड़ती है, डॉ. श्याम सोनी ने अपने सीम्स हॉस्पिटल के लिए भी इसी तरह की जानकारी दी। जब इस जानकारी की पड़ताल की गई तो यह सामने आया कि डॉ. श्याम सोनी ने जो जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई वह फर्जी है और इस तरह से उन्होंने सीधे तौर पर शासन के साथ धोखाधड़ी की है? अब इस धोखाधड़ी में सीएमएचओ को स्वत: संज्ञान लेते हुए डॉ. श्याम सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहिए तथा सीम्स हॉस्पिटल पर ताला लगा देना चाहिए? डॉ. श्याम सोनी ने अपने अस्पताल के संचालन में बैतूल के दो चर्चित डॉक्टरों के नाम उल्लेखित किए है, जबकि उक्त दोनों डॉ. रमेश काकोडिय़ा, डॉ. ब्रजेश वामनकर इस बात को सिरे से नकार रहे है कि वे डॉ. श्याम सोनी के सीम्स हॉस्पिटल में नियमित सेवाएं देते है? वहीं उनका तो दावा यह है कि उनका सीम्स हॉस्पिटल से कोई सीधा सरोकार ही नहीं है। अब ऐसी स्थिति में सीएमएचओ की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे डॉ. श्याम सोनी के हॉस्पिटल संचालन के लिए ली गई अनु़मति की एक टीम बनाकर जांच कराए और जो भी तथ्य सामने आते है उसके आधार पर लीगल एक्शन ले? बड़ा सवाल यह है कि जब यह बात सामान्य जन को पता है इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग डॉ. श्याम सोनी और उनके हॉस्पिटल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने में क्यों बच रहा है? खैर पूरा मामला अब जग जाहिर है।
- इनका कहना...
- मैंने कभी भी डॉ. श्याम सोनी के सीम्स हॉस्पिटल में किसी भी स्तर पर कोई सेवाएं नहीं दी है और ना ही बतौर एक्सपर्ट डॉक्टर के रूप में उन्हें अपने नाम का उपयोग करने की अनुमति दी है। हॉस्पिटल के दस्तावेजों में वे मेरे नाम का उपयोग किस आधार पर कर रहे है इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- डॉ. ब्रजेश वामनकर, एमएस आर्थोपेडिक्स।
- मेरे द्वारा सीम्स हॉस्पिटल में अपनी नियमित सेवाएं देने के लिए ना तो कोई अनुबंध किया और ना ही अपने नाम का किसी सरकारी दस्तावेज में उपयोग करने की अनुमति दी है। यह जरूर है कि सीम्स हॉस्पिटल से इमरजेंसी कॉल में डॉक्टर होने के नाते एक दो बार विजिट की है।
- डॉ. रमेश काकोडिय़ा, एमएस सर्जन।
- यदि ऐसा किया गया है तो यह धोखाधड़ी और अपराध की श्रेणी में आता है। आपने मेरे संज्ञान में लाया है तो मैं इस प्राथमिकता के साथ दिखवाता हूं और जो भी लीगल एक्शन होगा वह लिया जाएगा।
- डॉ. मनोज हुरमाड़े, सीएमएचओ बैतूल ।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 19 मार्च 2026


प्रधानमंत्री मोदी से मिले राज्यपाल पटेल
सांस्कृतिक परंपरा, शुभता और नवचेतना का प्रतीक है गुड़ी पड़वा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत 100 नए विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क बनेंगे