बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। इन दिनों पीडब्ल्यूडी में निर्माण कार्य किस स्तर पर हो रहे यह किसी से दबा छिपा नहीं है? चाहे वह शहर में बनने वाली व्हाईट टॉप सडक़ें हो या दुरस्त अंचल में बनने वाली सडक़ें हो, सभी जगह खुली धांधली चल रही है। ऐसा लगता है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ठेकेदारों को खुली मनमानी करने का मौका दिया हुआ है? ऐसा ही एक मामला जाजबोड़ी से डुल्हारा मार्ग निर्माण में सामने आ रहा है, यहां पीडब्ल्यूडी सडक़ निर्माण करवा रही है। इस सडक़ निर्माण का काम सारनी की किसी तिरूपति कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है? इस सडक़ निर्माण में बाकुड़ के पास पुलिया का भी निर्माण हो रहा है, इस पुलिया के निर्माण में इस स्तर पर धांधली हो रही है कि पुरानी पुलिया के कांक्रीट पर ही ठेकेदार सेंटरिंग बांधकर नया कांक्रीट कर रहा है? इससे साफ हो जाता है कि ठेकेदार की मंशा क्या है? यह किसी भी तकनीकी नियम के अनुसार नहीं है? यहां पर पाईप पुलिया बननी चाहिए, लेकिन देखने में और कुछ ही आ रहा है? जो तकनीकी नियमों को जानते समझते है उनका कहना है कि पुलिया निर्माण में जो धांधली हो रही है इसकी वजह से इस पुलिया का भविष्य लंबा नजर नहीं आता है। वहीं इस सडक़ निर्माण में भी अब तक जो काम हुआ है उसको लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे है? सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के सडक़ निर्माण में कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल को स्वयं विजिट करना चाहिए और जो प्रभारी सब इंजीनियर परमार है उसे मौके पर रहना चाहिए लेकिन स्थिति यह है कि दोनों ही अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं कर रहे है? इसलिए ठेकेदार अपनी मर्जी के अनुसार सडक़ का निर्माण कर रहा है? जानकारों का कहना है कि अधिकारियों ने कह रखा है कि यहां देखने नहीं आयेगा तुम अपने हिसाब से काम कर लो? इसलिए ठेकेदार स्टीमेट और ड्राईंग डिजाईन से अलग ही निर्माण करने में लगा हुआ है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 21 मार्च 2026