बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सीम्स हॉस्पिटल और डॉ. श्याम सोनी के खिलाफ आयुष्मान कार्ड में नगद वसूली के मामले में कलेक्टर के आदेश पर जो जांच हुई उसकी रिपोर्ट बन चुकी है? जिस तरह की स्थितियां जांच में पाई गई उसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग को सबसे पहले सीम्स हॉस्पिटल में ताला लगाना चाहिए और एफआईआर दर्ज कराना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग भी अज्ञात कारणों से इस जांच प्रतिवेदन को विभागीय पत्राचार में इधर-उधर भटका रहा है? इसी वजह से पिछले एक माह में जिस तरह का एक्शन इस मामले में सामने आना चाहिए था वह नहीं आया है। नियमों के जानकारों का कहना है कि डॉ. श्याम सोनी ना तो सरकारी चिकित्सक और ना ही उनका हॉस्पिटल सरकारी अस्पताल है? ऐसे में विभागीय पत्राचार की कतई जरूरत नहीं है। सीएमचओ को जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुष्मान योजना में धोखाधड़ी करने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराना चाहिए? लोगों का कहना है कि इस मामले तो शिकायतकर्ता सामने आ गया। डॉ. श्याम सोनी और उनके सीम्स हॉस्पिटल ने आयुष्मान कार्ड के मामले में इस तरह के और भी काम किए है, यदि विस्तृत जांच की गई तो यह पूरे मामले भी सामने आ जाएंगे? अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग पर किसी का कोई दबाव है जो डॉ. श्याम सोनी के खिलाफ लीगल एक्शन लेने से सीएमएचओ बच रहे है?

- यह है आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीज से नगद वसूली का मामला...
सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने 11 फरवरी को बताया था कि अंधारिया आमला निवासी प्रमोद देशमुख ने शिकायत दर्ज कराई है कि 23 जनवरी को उसकी बहन गीता पंडाग्रे को सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और उनसे 60 हजार रूपए लिए गए, वहीं उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड था इसके बावजूद उनसे पैसे लिए गए। डॉ. हुरमाड़े के अनुसार उनका आरोप है कि उनसे नगद 60 हजार रूपए लेने के बाद आयुष्मान से भी उनके उपचार का पैसा लिया गया।

- इनका कहना...
सीम्स हॉस्पिटल में डॉ. श्याम सोनी द्वारा मरीजों को आयुष्मान का लाभ नहीं दिए जाने को लेकर हमारे द्वारा वरिष्ठ कार्यालय को पत्राचार कर अवगत करा दिया गया है, शेष मामलों में जांच की जाएगी।
- डॉ. मनोज हुरमाड़े, सीएमएचओ, बैतूल।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 25 मार्च 2026