बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। यदि किसी थाना क्षेत्र में कोई बड़ा घटनाक्रम हो और फिर पुलिसकर्मियों को लाईन अटैच किया जाए तो बात समझ आती है, लेकिन थोक में आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को बिना किसी घटनाक्रम के अचानक लाईन अटैच कर दिया जाए तो स्वाभाविक है कि विभाग में खलबली मचेगी ही? ऐसा ही कुछ आमला थाने में हुआ जहां से आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को अचानक ही 24 मार्च को लाईन में जमा करा दिया गया? क्यों करा दिया गया किसी के पास कोई जवाब नहीं है? वैसे अंदरखाने से जो कहानी बाहर आ रही है उसमें डबल ट्वीस्ट सामने आ रहा है। वर्तमान में जिस तरह से विभाग में उथल पुथल मची है इसको लेकर पुलिसकर्मी भी नहीं समझ पा रहे है कि चल क्या रहा है। वैसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से बैतूल में पुलिस में सबकुछ ठीक नहीं है? इसका बड़ा कारण अच्छे टीआई और एसडीओपी का ना होना बताया जा रहा है?

ट्वीस्ट 01 : थाना प्रभारी की कप्तान से मुलाकात...
अंदरखाने की कहानी में सामने आ रहा है कि इस हफ्ते में थाना प्रभारी ने मासिक सिस्टम के हिसाब से कप्तान से मुलाकात की, इस मुलाकात का नतीजा यह रहा कि उन तमाम लोगों की एक साथ विदाई हुई। जिनका थाना क्षेत्र में सट्टे नेटवर्क में मजबूत घुसपैठ मानी जाती थी और इस वजह से थाना प्रभारी अपनी पकड़ नहीं बना पा रहे थे? 

ट्वीस्ट 02 : हाईकोर्ट की नाराजगी का असर...
अंदरखाने यह भी चर्चा है कि हाईकोर्ट में डायरी पेश ना होने से जो नाराजगी सामने आई थी उसमें उस समय के थाना प्रभारी को तो सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर जांच भी हो रही है और सबसे बड़ी बात यह है कि हाईकोर्ट दोबारा अपनी नाराजगी जाहिर ना करें इसलिए एक्शन दिखाने के लिए छांट-छांटकर लाईन में जमा करवाया गए?

- इधर बोडख़ी चौकी प्रभारी को भी अचानक मासोद की कमान दी...
मुलताई के खेड़ी रामोसी में पुलिस बल पर हमले के बाद वहां के चौकी प्रभारी कार्यवाहक उपनिरीक्षक रणधीरसिंह राजपूत को लाईन में जमा कराया गया, वहीं इनकी जगह आमला बोडख़ी चौकी प्रभारी अमित पवार को मासोद का चार्ज दिया गया है। वैसे छात्र पिटाई कांड के बाद अमित पवार को भी मुलताई से हटाकर आमला भेजा गया था? 

- इन्हें लाईन में कराया जमा : कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक राममोहन यादव, राजेश गहलोत, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्रमोद बोरखड़े, रामराव पन्द्रे, आरक्षक दिनेश कुडोपा, नितेश लोखंडे शामिल है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 मार्च 2026