(बैतूल) कागजात तो बीएस-6 वाहन के लेकिन सरकारी सिस्टम में वाहन चल रहे है बीएस-4 मॉडल के..! - मेंटेनेंस और माईलेज के चक्कर में वाहन मालिक वाहन को करवा ले रहे मॉडिफाई
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। शासन के स्पष्ट आदेश है कि सरकारी सिस्टम में जो भी वाहन किराए पर लिया जाएगा वह बीएस-6 मॉडल का ही होना चाहिए? प्रक्रिया में वाहन तो बीएस-6 ही लगाए जा रहे है, लेकिन जो वाहन मालिक है वे चतुराई का प्रदर्शन कर अपने बीएस-6 वाहन को मॉडिफाई कर बीएस-4 बना रहे है? इससे उन्हें मेंटेंनेस का पैसा बचता है और माईलेज भी बढ़ा लेते है। स्वास्थ्य विभाग में चलने वाले किराए के वाहनों को लेकर यह बात आम तौर पर कही जाती है। बताया जा रहा है कि बीएस-6 गाडिय़ों का मेंटेनेंस बहुत महंगा पड़ता है इसलिए किराए पर चलाए जाने वाले बीएस-6 वाहनों को बीएस-4 में बदल लिया जाता है। वैसे टेंडर में जो वाहन के कागजात लगे है वे तो बीएस-6 के ही बताए जाते है, लेकिन गाड़ी का जो इंजन है वह बीएस-4 माडल का है? स्वास्थ्य विभाग में यदि जांच हो तो यह सच्चाई सामने आ सकती है।
- सेंसर की वजह से मेंटेनेंस पड़ता है महंगा...
एक एक्सपर्ट का कहना है कि बीएस-6 वाहन में सेंसर लगा होता है और इसलिए उसमें मेंटेनेंस बहुत महंगा पड़ता है। इसमें कोई भी छोटी-बड़ी समस्या आने पर लेपटॉप लगाना पड़ता है और इसके लिए कंपनी का एक्सपर्ट बुलाना पड़ता है, इसलिए बीएस-6 वाहन को किराए आदि पर चलाने में पसंद नहीं किया जाता है। जबकि बीएस-4 में इस तरह का कोई भी झंझट नहीं रहता है।
- आईल डालकर माईलेज भी बढ़ा लिया जाता है...
इधर एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि बीएस-4 में आईल डालकर उसका माईलेज भी बढ़ा लिया जाता है, जबकि बीएस-6 में इस तरह की सुविधा नहीं है। इसलिए वाहन मालिक अपने बीएस-6 वाहन को किराए पर चलाने के लिए बीएस-4 में बदलवा लेते है।
- खटारा वाहन भी स्वास्थ्य विभाग में किराए पर चल रहे...
इधर यह भी जानकारी सामने आई है कि स्वास्थ्य विभाग में मरीजों के लिए अलग-अलग स्कीम में जो भी वाहन चल रहे है उनमें से कई वाहन खटारा है, लेकिन सिस्टम में इन वाहनों को लेकर किसी स्तर पर कोई पड़ताल नहीं होती है, इसलिए यह सब चल रहा है? आरोप यह है कि कई वाहनों में जीपीएस नहीं लगा है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 29 मार्च 2026


(बैतूल) कागजात तो बीएस-6 वाहन के लेकिन सरकारी सिस्टम में वाहन चल रहे है बीएस-4 मॉडल के..! - मेंटेनेंस और माईलेज के चक्कर में वाहन मालिक वाहन को करवा ले रहे मॉडिफाई
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