बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पुलिस विभाग में किस तरह के क्या प्रयोग हो रहे है किसी को भी समझ नहीं आ रहा है? आमला थाने में बोडख़ी चौकी जो कि एयरफोर्स स्टेशन के कारण बेहद संवेदनशील मानी जाती है और यहां पर पूर्व में हुई चोरी की वारदात का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है? ऐसी चौकी पर पिछले एक सप्ताह से कोई भी प्रभारी तैनात नहीं है। यहां पर जो प्रभारी एसआई अमित पवार थे उन्हें खेड़ीरामोसी घटना के बाद मुलताई थाना क्षेत्र की चौकी का प्रभारी बनाकर भेज दिया गया। उनकी जगह पर किसी अन्य को चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी नहीं दी है। वहीं इसी थाना अंतर्गत पंखा में जो पुलिस सहायता केन्द्र या चौकी है वह लोकसभा चुनाव के बाद से ही बंद पड़ी है, इसे शुरू किए जाने को लेकर किसी स्तर पर कोई प्रयास नहीं है, जबकि यह भी तीन थाना क्षेत्र के सेंटर पाईंट पर फोरलेन पर स्थित चौकी थी फिर भी इसे अज्ञात कारणों से बंद किया गया है? 

- लाईन अटैच किए गए 6 में से सिर्फ राममोहन यादव को नहीं मिल रही पोस्टिंग...
आमला थाने से 24 मार्च को 6 पुलिसकर्मियों को अचानक ही लाईन अटैच किया गया था। इन 6 में से 5 को तो अलग-अलग थानों में पोस्टिंग मिल गई है। इनमें 26 मार्च को एएसआई राजेश गहलोत को शाहपुर, प्रमोद बोडख़ड़े और नितेश लोखंडे को झल्लार, 30 मार्च को रामराव पन्द्रे को रानीपुर वहीं 31 मार्च को जारी आदेश में दिनेश कुडोपा को सांईखेड़ा थाना भेज दिया गया। सिर्फ एएसआई राममोहन यादव को पोस्टिंग नहीं दी जा रही है। बताया गया कि उन्हें 15 महीने रिटायरमेंट को बचे है और वे अपने गृह क्षेत्र इटारसी के बाद शाहपुर थाना जाना चाहते है।

- अब पुलिस विभाग में थोक में नहीं बल्कि छुटमुट किए जाते है तबादले...
एसपी निश्चल झारिया के समय से पुलिस विभाग में यह ट्रेंड बन गया है कि थोक में तबादला आदेश नहीं निकाले जाते। दो-दो, चार-चार पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया जाता है। 25 मार्च के बाद से वर्तमान एसपी ने चार तबादला आदेश जारी कर करीब डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया गया है। इनमें टीआई से लेकर आरक्षक स्तर के पुलिसकर्मी है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 03 अप्रैल 2026