बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा। अनिल यादव एक ऐसा नाम जो आज हर किसी के जुबान पर सहज ही आ जाता है, "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ " हो या बेटियों के नाम से हो घर की पहचान या हो बेटियों के आत्मसम्मान , बेटियों का जन्मोत्सव एवं उनका  ग्रह प्रवेश हो बेटियों के कल्याण एवं आत्मसम्मान से निहित यह अभियान है। बैतूल के लाल अनिल नारायण यादव(पान की दुकान वाले ) पूरी तन्मयता से अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को सफलता के उल्कर्ष पर पहुंचाना चाहते हैं। 22 जनवरी 2015 हरियाणा के पानीपत से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसको 10 वर्ष होने पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी को लाडो फाउंडेशन टीम की ओर से बहुत-बहुत बधाइयां बैतूल के युवा समाजसेवी अनिल यादव  ने 8 नवंबर 2015 से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को बैतूल में तन मन धन लगाकर इस अभियान को देश के 28 राज्यों और इतना ही नहीं बल्कि विदेशों में भी यह अभियान पहुंच चुका है ।अभी हाल ही में लंदन के अलावा अब अमेरिका के शिकागो में भी बेटी के नाम की नेम प्लेट लगाई गई है। इस अभियान ने अपनी सफलता की एक लंबी छलांग लगाई है "सात समुंदर पार ,बेटियों को दुलार "अभियान आज हर गांव गली मोहल्ला शहर देश अब तो विदेशों में भी इस अभियान ने अपनी सफलता लोकप्रियता के झंडे गाड़ दिए है। बैतूल बाजार निवासी अनूप वर्मा एवं अजय पवार के माध्यम से यह नेम प्लेट अमेरिका पहुंचाई गई है। अनिल नारायण यादव जिनकी मुहिम से देश में बेटीयों के नाम से घर की हो पहचान एक अनुपम पहल है।


आज सुभाष वार्ड हमलापुर निवासी पिता अशोक निरापुरे माता पुष्प निरापुरे की बेटी अंशिका के नाम के नेम प्लेट लगाई गई अब  घर बेटी अंशिका के नाम से जाना जाएगा उनकी लाडो अभिज्ञा के प्रथम जन्मदिन के अवसर पर नेम प्लेट भेंट की गई। इस मौके पर डॉक्टर अंकिता निरापुरे ने कहा बहुत अच्छी पहल है जो समाज में बेटियों को सम्मान और पहचान देने का काम कर रही है, जरूर इस अभियान से बेटियों के माता-पिता को जुड़ना चाहिए ।
 डिजिटल इंडिया विद लाडो अभियान की शुरुआत 8 नवंबर 2015 से बेटी आयुषी यादव के जन्मदिन से अनिल नारायण यादव के द्वारा यह पहल शुरू की गई, इस पहल से घर की पहचान बेटियों के नाम से हो रही है इतना ही नहीं यह अभियान के माध्यम से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की तीन तीन महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान का संदेश नेम प्लेट के माध्यम से घर-घर तक पहुंचा जा रहा है. अनिल यादव निम्न मध्यम परिवार के है और ये छोटी सी पान की दुकान के संचालक है, इन्होंने बेटियों के सम्मान के लिए यह पहल शुरू की और आज धीरे-धीरे  देश के 28 राज्यों तक पहुंच गए हैं इन 28 राज्यों में अब तक 3 हजार 900 से अधिक घरों में बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई गई है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जहां बेटियों के मान सम्मान प्रतिष्ठा में परिवर्तन आया है वहीं दूसरी ओर एक सकारात्मक सोच का संदेश से प्रेरणा समाज को मिल रही है, ऐसे लाडो फाऊंडेशन के सजग प्रहरी अनिल यादव का हम अभिनन्दन करते हैं जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के सपनों को पूरा  करने में कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र को समृद्धशाली विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने में विकास के पथ पर अग्रसर हो रहे है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 04 अप्रैल 2026