(बैतूल) मरीजों के परिजनों को कच्चे बिल थमाने के मामले में सीम्स हॉस्पिटल की इनकम टैक्स सहित जीएसटी जांच की मांग..!
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सीम्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. श्याम सोनी की जो कार्यशैली मरीजों और उनके परिजनों द्वारा बताई जा रही है उससे तो साफ तौर पर लगता है कि इनके हॉस्पिटल की जिले के बाहर की किसी विशेष टीम से विस्तृत जांच होनी चाहिए? जैसा कि मरीजों एवं उनके परिजनों ने मांग की है। इससे पहले भी सीम्स हॉस्पिटल की पैथालॉजी संचालन की अनुमति प्राप्त करने एवं एमडी पैथालॉजिस्ट के बगैर जांच रिपोर्ट तैयार करने, आईसीयू का बगैर एमबीबीएस डॉक्टर की मौजूदगी में संचालन, दवाईयों के कच्चे बिल देने, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, अस्पताल की बिल्डिंग स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाने, बिना फायर सेफ्टी के अस्पताल का संचालन सहित अन्य मामले सामने आ चुके है? सीम्स हॉस्पिटल के मामले में मरीजों के परिजनों ने जस्ट डायल प्लेटफार्म पर उपलब्ध सीम्स हॉस्पिटल के पेज पर उनके साथ हुई घटना का विस्तृत विवरण पोस्ट किया है? जिसमें दिनांक 6 अप्रैल 2025 को महेन्द्र जैन ने लिखा कि कृपया सावधान रहे! बहुत ही घटिया प्रकार का पैसे वसूलने वाला अस्पताल है लिखा? सीम्स हॉस्पिटल पर आरोप लगाते हुए आगे लिखा कि ये रूम चार्ज, डॉक्टर विजिट, नर्सिंग चार्ज, पक्का बिल नहीं देने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए है? इसके बाद महेन्द्र ने कमेंट् में लिखा कि डॉक्टर के पिताजी है वह हॉस्पिटल के अकाउटेंट बताते है वह बदतमीजी करते है? वहीं इसके बाद 6 अप्रैल 2025 को रश्मि साहू लिखती है कि उनके हॉस्पिटल की पूरी तरह से जीएसटी, इनकम टैक्स की जांच होनी चाहिए? क्योंकि यहां पूरा लेनदेन बिना जीएसटी के पक्का बिल दिए सीम्स हॉस्पिटल के नाम छपी कच्ची पर्ची पर जीएसटी के बिल के नाम पर देते है? इसके बाद रश्मि साहू लिखती है कि पक्का बिल मांगने पर डॉक्टर के पिताजी जो शायद अपने आप को अकाउटेंट बताते है वह तो बहुत ही वाहियात प्रकार के व्यक्ति है? जीएसटी बिल मांगने पर कहते है कि भैया 33 प्रतिशत टैैक्स है और हमारा उतना टर्नओवर नहीं है, और जो माल हमारे यह बिल पर आया नहीं उसे आपको कैसे बिल पर दे दें? कुल मिलाकर इनकी जांच होना चाहिए? यहां भ्रष्टाचार है, धोखाधड़ी है, बेईज्जती है और मनमानी कमाई है, गुमराह करते है? इसके बाद रश्मि साहू लिखती है कि मेरे पास इनके द्वारा जीएसटी के नाम पर दिए गए कच्चे बिल है, मैं भुगतभोगी हूं, कभी नहीं जाना इनके यहां ! महेन्द्र जैन और रश्मि साहू दोनों ने ही सीम्स हॉस्पिटल के बेड चार्जेस बढ़ाकर बताने एवं बढ़े हुए बिल थमाने के मामले में विरोध करने पर और पक्का बिल मांगने पर डिस्काउंट नहीं मिलेगा बोलते है और एक दिन के भर्ती मरीज का दो दिन का बेड चार्ज करते है और फिर विरोध करने पर कच्चे बिल पर डिस्काउंट करते है। पीडि़तों के लिखे अनुसार तो यह लगता है कि सीम्स हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों से मनमानी लूट हो रही है और इनके अनुसार आयकर विभाग और जीएसटी विभाग को जांच करना चाहिए? जिससे कि अस्पताल में पूर्व से चली आ रही कार्यशैली में सुधार हो और मरीजों के साथ आगे से ऐसा नहीं हो एवं भुगतानकर्ता को पक्का बिल मिले और धोखाधड़ी ना हो सके?
-: घोषणा :-
इस पूरे मामले में सीम्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. श्याम सोनी जो कि डॉक्टर है इसलिए धरती के भगवान कहलाते है? उनके मोबाईल पर कॉल किया परंतु उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया। जिसमें समाचार में उनका पक्ष नहीं रखा जा सका। डॉ. श्याम सोनी जब भी इस समाचार में अपना पक्ष रखेंगे राष्ट्रीय दिव्य दुनिया प्राथमिकता से उनका पक्ष रखेगा और निश्चित ही समाचार में स्थान देगा।
-: अपील :-
राष्ट्रीय दिव्य दुनिया समाचार पत्र सीम्स हॉस्पिटल में उपचार करा चुके पीडि़त मरीज अपनी आपबीती, अपने साथ हुई नाइंसाफी प्रमाण के साथ हमें बता सकते है? हम उसे प्राथमिकता से समाचार पत्र में स्थान देंगे। साथ ही जिम्मेदार प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का काम करेंगे। जिससे पूर्व की घटनाओं की पुर्नावृत्ति ना हो। आप हमें यह व्हाट्सएप नंबर और हमारे ई-मेल पर जानकारी भेज सकते है।
वाट्सएप नंबर:- 9425002316, ई- मेल :- divyaduniya@gmail.com
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 06 अप्रैल 2026


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