बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। फसल नुकसानी में सबसे पहले शासन को आरबीसी 6 (4) के तहत किसान को राहत उपलब्ध करानी चाहिए, लेकिन  फसल नुकसानी के मामले में पिछले कुछ वर्षो से आरबीसी 6 (4) के तहत मुआवजा देना लगभग बंद कर दिया गया है। हाल फिलहाल में ओलावृष्टि , आंधी, तूफान और बारिश से जो फसल नुकसानी हुई है उसमें भी प्रशासन और शासन आरबीसी 6 (4) के तहत मुआवजा देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को जो प्राकृतिक आपदा आई उसके बाद रविवार को एडीएम वंदना जाट मुलताई और बैतूल में फसल नुकसानी का जायजा लेने पहुंची। वहीं जनसंपर्क द्वारा भी यह बताया गया कि फसल बीमा पोर्टल पर नुकसानी दर्ज कराने के लिए किसान फसल नुकसानी की तत्काल सूचना दे। प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट नहंी किया गया कि आरबीसी 6 (4) में किसानों को राहत मिलेगी या नहंी?
नॉलेज: क्या होता है आरबीसी 6 (4) और कब मिलती है प्रभावित को राहत
मध्य प्रदेश में राजस्व पुस्तक परिपत्र (क्रक्चष्ट) 6(4) के तहत प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, ओलावृष्टि, सूखा, आग, आदि) से होने वाले नुकसान, जैसे फसल बर्बादी, जनहानि, या मकान की क्षति पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जाती है। पात्र किसानों/व्यक्तियों को सर्वे और सत्यापन के बाद बैंक खाते में सीधे सहायता राशि मिलती है। 
फसल नुकसान: ओलावृष्टि, कीटव्याधि या बाढ़ से फसल नष्ट होने पर सर्वे के आधार पर राहत।
जनहानि (मृत्यु): दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को आमतौर पर ?4 लाख तक की सहायता।
शारीरिक विकलांगता: 100' विकलांगता पर 2 लाख तक, और 50' से अधिक होने पर भी सहायता।
गंभीर रूप से घायल: 12,000 से 50,000 तक की आर्थिक सहायता।
मकान क्षति: प्राकृतिक आपदा से घर टूटने पर नुकसान के अनुसार अनुदान।
अग्नि क्षति: आग से घर या दुकान के नुकसान पर 8,000 से 12,000 तक प्रति दुकानदार/व्यक्ति सहायता।
कृषि उपकरण: बैलगाड़ी या कृषि यंत्र नष्ट होने पर लगभग 10,000 तक की सहायता।
खरीफ सीजन में भी किसानों को नहीं मिली राहत
खरीफ सीजन में भी अतिवृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हुआ था तब भी प्रशासन ने सर्वे का दावा किया था, लेकिन जिस तरह से सर्वे करवाया गया वह केवल फसल बीमा तक सीमित रह गया। किसानों को कोई राहत नहीं मिली। जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष सर्वे के लिए निर्देश दिए थे फिर भी विशेष सर्वे नहीं हुआ? पूरा राजस्व अमला एसआईआर में लग गया।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 06 अप्रैल 2026