बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जनवरी में मुलताई में आबकारी विभाग ने शराब धरपकड़ की एक कार्रवाई की थी? अब इस कार्रवाई में यह सामने आ रहा है कि पुलिस ने जिसे आरोपी बनाया उसकी पत्नि और पिता को ही जब्ती का मुख्य गवाह बना दिया? इससे समझ आता है कि आबकारी शराब धरपकड़ के मामले में किस तरह की कार्रवाईयां करती है। जानकारों का कहना है कि इस कार्रवाई की जांच होना चाहिए और देखा जाना चाहिए कि जिन आबकारी अधिकारियों ने यह पूरी कार्रवाई की थी उनका इस तरह के केस बनाने के पीछे  मकसद क्या है? बताया गया कि 16 जनवरी को  आबकारी विभाग मुलताई ने थाने के ठीक पीछे मुलताई नगर में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ 16 जनवरी शुक्रवार दोपहर 1 बजे बड़ी कार्रवाई की है? टीम ने पुलिस थाने के पीछे स्थित एक मकान से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की, पुलिस को अवैध शराब बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि इस मकान से लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सूचना के आधार पर बैतूल और मुलताई पुलिस के साथ आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश दी। तलाशी के दौरान मकान से कई ब्रांड की बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई? मौके से एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। 
- पंचनामे की कार्रवाई करती आबकारी विभाग की टीम... आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई अभी जारी है, जब्त की गई शराब की गिनती और जांच प्रक्रिया चल रही है? यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शराब की कुल मात्रा और आरोपी के खिलाफ दर्ज होने वाली धाराओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीच बस्ती क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर क्या कारण है कि मुख्य आरोपी के पत्नि और पिता को आबकारी ने इस तरह से जब्ती का गवाह बनाया? अगर वे कोर्ट में होस्टाईल हो जाते है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? वैसे यह पहला मामला नहीं है पूर्व में भी आबकारी के ऐसे कई मामले सामने आए है जो उसके विवेचना के और केस बनाने के तरीकों पर सवाल खड़े करता है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 अप्रैल 2026