बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । जिले में संचालित प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने सरकारी शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग पढ़ाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन पत्र सौंपा। प्राइवेट कोचिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकारी शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ निजी कोचिंग भी संचालित कर रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है?
एसोसिएशन का कहना है कि सरकारी शिक्षकों को सरकार द्वारा वेतन दिया जाता है ताकि वे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें, लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि वे कोचिंग सेंटरों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं? इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों को पूरी तरह लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस स्थिति से प्राइवेट कोचिंग संचालकों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि सरकारी शिक्षक अपने प्रभाव के कारण अधिक छात्रों को आकर्षित कर लेते हैं, इससे प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो जाती है।
एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस विषय पर सख्त नियम बनाए जाएं और सरकारी शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग पढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया जाए, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर उचित कार्रवाई करने की भी मांग की गई है? वहीं उक्ताशय में प्रशासन का कहना है कि ज्ञापन प्राप्त हुआ है, मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 08 अप्रैल 2026