बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। यह जिले के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का कारनामा कहलाएगा या डॉ. श्याम सोनी की हिम्मत का प्रमाण माना जाएगा! बैतूल शहर के अंदर सीएमएचओ कार्यालय से कुछ सौ मीटर दूरी पर वे सीम्स हॉस्पिटल के नाम पर अपना अस्पताल चला रहे है और उनके अस्पताल का पंजीयन ही सामने नहीं आ रहा है? अब मजेदार बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कुछ समय पहले एक मामले में सीम्स हॉस्पिटल गई थी क्या उसे भी यह नहीं पता चला कि डॉ. श्याम सोनी के सीम्स हॉस्पिटल का नियम अनुसार बैतूल जिले के स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन ही नहीं है? यह दावा इसलिए किया जा रहा है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन भी अस्पतालों के संचालन के लिए अनुमति दी गई है उनका बकायदा स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन है और इन पंजीकृत अस्पतालों की सूची में सीम्स हॉस्पिटल बैतूल के नाम से कोई हॉस्पिटल ही नजर नहीं आ रहा है? अब ऐसा क्यों है इसका जवाब तो सीएमएचओ या डॉ श्याम सोनी ही दे सकते है और कायदे से उन्हें सामने आकर बताना भी चाहिए। 

- 32 हॉस्पिटल की सूची में सीम्स हॉस्पिटल का नाम ही नहीं...


जिले में संचालित निजी अस्पताल का जो स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन है उसकी ऑनलाईन सूची जब देखी गई तो उसमें 32 अस्पताल का पंजीयन दिखाया गया और जिन अस्पताल का पंजीयन दिखाया गया उसमें डॉ. श्याम सोनी द्वारा संचालित सीम्स हॉस्पिटल का नाम नजर ही नहीं आ रहा है! यह तभी संभव है जब पंजीयन नहीं कराया हो?
इसलिए डॉ. श्याम सोनी की हिम्मत को दाद देना चाहिए ।
1 - डॉ. श्याम सोनी के सीम्स हॉस्पिटल में जो आईसीयू का संचालन किया जा रहा है उस पर भी गंभीर प्रश्र चिन्ह है?
2 - डॉ. श्याम सोनी के हॉस्पिटल में जिस पैथालॉजी का बिना एमडी पैथालॉजिस्ट के संचालन हो रहा है उसको लेकर भी सवाल?
3 - अब अस्पताल के पंजीयन को लेकर ही जो खुलासा है वह सबसे बड़ा सवाल है?

- बिना पंजीयन के अस्पताल का संचालन अपराध की श्रेणी में...


जिस तरह से 32 हॉस्पिटल की सूची में सीम्स हॉस्पिटल का नाम नहीं है और उसका संचालन हो रहा है यह एक्सपर्ट की नजर में अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इस खबर को ही सूचना मानकर तत्काल दस्तावेजों का परीक्षण कराएं और उचित कार्रवाई करें।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 08 मई 2026