बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। नगरीय निकाय में चहेते ठेकेदार या फर्म को उपकृत करने के उद्देश्य से टेण्डर में ही कलाकारी दिखाने का काम बखूबी किया जा रहा है। बैतूल नगरपालिका में लगातार यह देखने में आ रहा है कि इस कलाकारी का बार-बार उपयोग किया जा रहा है। अभी हाल ही में रात्रिकालीन सफाई के लिए जो टेण्डर लगाया गया वह इस कलाकारी का उत्कृष्ट नमूना बनकर सामने आ रहा है। नगरपालिका में टेण्डर और उसकी शर्ते निर्धारित करने के लिए जो कमेटी बनाई गई उसकी नियत ही सवालों के घेरे में आ गई है। चार लोग मिलकर अपनी मनमर्जी से ऐसी शर्ते जोड़ देते है जिसकी वजह से टेण्डर उसी फर्म को मिलेगा जिसे यह चार लोग चाहते है। यह एक तरह का नगरपालिका में टेण्डर घोटाला है जिसकी जांच होना और जांच के पहले इसे खुलने से रोकना पहली जरूरत है?

- यह है चार अधिकारी जिन्होंने टेण्डर की शर्ते तय की...
नगरपालिका के सहायक यंत्री नीरज धुर्वे, उपयंत्री पंकज धुर्वे सहित सफाई दरोगा संतोष धनेलिया और सहायक लेखा अधिकारी अंशुल अग्रवाल शामिल है। इन लोगों द्वारा जो शर्ते जोड़ी गई उसका आधार क्या है? यह किसी को बताया गया और ना ही टेण्डर में यह स्पष्ट किया गया कि शर्तो की वजह क्या है? इनके शर्ते जोडऩे के कारण राष्ट्रीय दिव्य दुनिया में शुक्रवार को प्रकाशित खबर सबसे ज्यादा ट्रेंड में रही। 

- किसी भी जिम्मेदार को कोई जानकारी ही नहीं दी जाती...
नगरपालिका बैतूल में टेण्डर की शर्ते तय करने वाली यह कमेटी बैतूल विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष और जिस स्वास्थ्य शाखा से जुड़ा यह टेण्डर है उसके सभापति को भी पूरी तरह से अंधेरे में रखते है? पूर्व के एक टेण्डर में भी ऐसा ही देखने में आया था। अब इन जिम्मेदारों के अलावा सीएमओ को भनक तक नहीं लगने दी जाती कि टेण्डर में क्या शर्ते जोड़ी जा रही है? 

- चहेती फर्म को उपकृत करने का खेल...
जानकार बताते है कि किसी भी टेण्डर में विशेष तरह की शर्ते तभी जोड़ी जाती है जब किसी फर्म या ठेकेदार को ही यह ठेका दिलवाने की मंशा होती है। यहां भी इसी तरह की आशंका जाहिर की जा रही है और इसलिए इस पर फौरन संज्ञान जरूरी है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 मई 2026