बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  डॉ. श्याम सोनी के तौर तरीकों से दुखी और उनके वसूली उगाही फार्मूले से पीडि़त लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है? राष्ट्रीय दिव्य दुनिया में डॉ. श्याम सोनी की करतूत को लेकर चलाई जा रही मुहिम से हिम्मत जुटाकर पीडि़त लोग खुलकर सामने आ रहे है, ऐसे ही एक पीडि़त ने शपथपत्र देकर जो डॉ. श्याम सोनी और उनके सीम्स हॉस्पिटल की पोल खोली है वह बताती है कि डॉ. श्याम सोनी की मानसिकता किस तरह से धनपिपासु है। उक्त व्यक्ति द्वारा दिए गए शपथ पत्र के अनुसार उसके पिता को गंभीर बताकर डॉ. श्याम सोनी ने भर्ती कर 45 हजार रूपए वसूल डाले और गैर वाजिब तरीके से डिसचार्ज कर अस्पताल से निकाल दिया, जब वह अपने पिता को नागपुर लेकर गया तो उनका इलाज मात्र 1400 रूपए में हो गया और वे वहां के इलाज से पूरी तरह स्वस्थ्य हो गए। यह सिर्फ एक मरीज की आपबीती नहीं है ऐसे लोगों की लंबी कतार बताई जा रही है।

- शपथ पत्र के साथ बताई गई यह सच्चाई आपकी आंखे खोल देगी...
शपथकर्ता ने बताया कि उसके पिता लगभग 5 वर्ष से डॉ. श्याम सोनी से अपनी शुगर का इलाज करा रहे थे, लेकिन जब उनको पैरों में सूजन जैसी समस्या दिखाई दी, वे तुरंत डॉ. श्याम सोनी के अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें तत्काल 3 दिन के लिए एडमिट कर लिया गया और कहा गया कि पैर फट जाएंगे शुगर है पैर में पस बन जाएगा? उसके पिता को 3 दिन एडमिट करने के लिए 2500 रूपए प्रतिदिन रूम रेंट लिया गया एवं मेडिसिन इंश्योरेंस कुल मिलाकर 45 हजार रूपए उनसे वसूल किए गए , लेकिन उनके पिता को कोई राहत नहीं मिली जब डॉक्टर से पूछा गया कि ठीक होने में और कितना समय लगेगा? डॉक्टर ने दो सेे तीन दिन लगेंगे रिएक्शन के लिए एमोएक्सीलीन इंजेक्शन, नार्मल स्लाईन एनएस के साथ कुछ अन्य इंजेक्शन दे रहे थे। जब उसने कहा कि यदि नागपुर ले जाता तो ठीक हो जाते इस पर डॉक्टर भडक़ गए और कहने लगे कि डॉक्टर मैं हूं या तुम? मैं अपने हिसाब से ट्रीटमेंट करूंगा कल तक देख लो, लेकिन रात के 10 बजे डॉक्टर राउंड पर आए और आक्सीजन नापकर आक्सीजन और मेडिसिन लगाने का नाटक किया और 15 हजार रूपए का इंजेक्शन लगाने के लिए पैसा जमा कराने के लिए कहा। उसके पिता को ऐसी कोई समस्या महसूस नहीं हो रही थी तो उसने डिसचार्ज करने के लिए कहा तो उसे कोई डिसचार्ज पेपर नहीं दिया गया और रात के 1 बजे डिसचार्ज कर दिया गया? इस दौरान डिसचार्ज पेपर को लेकर डॉ. श्याम सोनी के पिता ने विवाद किया और अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया? अगले दिन वह अपने पिता को नागपुर ले गया और वहां डॉक्टर को दिखाया तो ङ्कद्गह्म्द्बष्शह्वह्यद्ग 1ड्डठ्ठद्ग की समस्या की बताई और नार्मल दवाईयां तथा एक बेल्ट दिया जिसमें उसके मात्र 1400 रूपए खर्च हुए और उसके पिता स्वस्थ्य हो गए। नागपुर के डॉक्टर ने कहा कि भर्ती करने की कोई जरूरत नहीं थी क्यों कराया?

- जनहित में जारी... सीम्स हॉस्पिटल में इलाज करवा रहे है तो यह सावधानी जरूर बरते...
1 - यदि डॉ. श्याम सोनी के यहां आप इलाज करवा रहे तो यह ध्यान दें कि वे जिन दवा इंजेक्शन का उपयोग कर रहे है वह इलाज के पर्चे में लिखे है या नहीं यदि नहीं लिखे है तो लिखवाईए और पूछिए कि इनकी क्या उपयोगिता है?
2 - डॉ. श्याम सोनी अगर सीम्स पैथालॉजी से कोई रिपोर्ट दे रहे है या दिखा रहे है तो उस पर एमडी पैथालॉजिस्ट का वेरीफिकेशन और हस्ताक्षर आवश्यक रूप से मांगिए। 
3 - डॉ. श्याम सोनी के अस्पताल से डिसचार्ज होने पर इलाज के पूरे पर्चे, तमाम रिपोर्ट और जो भुगतान किया है उसका पक्का बिल भी आवश्यक रूप से प्राप्त करिए। 
4 - यदि उनके द्वारा हॉस्पिटल के मेडिकल से दवाईयां और इंजेक्शन दिए गए है तो उसका भी पक्का बिल जरूर प्राप्त करिए और उसकी दरें अन्य मेडिकल स्टोर से वेरीफाई करिए।
5 - यदि यह सब करने से डॉ. श्याम सोनी इंकार करते है तो तत्काल 181 सीएम हेल्प लाईन पर या कलेक्टर, सीएमएचओ को शिकायत जरूर करें।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 14 मई 2026