बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पिछले वर्ष नरवाई की आग को लेकर जहां धड़ाधड़ एफआईआर हो रही थी और फटाफट जुर्माना किया जा रहा था, वहीं मैदानी अमले पर भी कलेक्टर कार्रवाई में सुस्ती को लेकर वेतनवृद्धि रोकने का चाबुक चला रहे थे। वहीं इस बार नरवाई की आग के मामले में प्रशासन ने किसानों को खासी राहत दी है, 422 घटनाक्रम में मात्र 2 पर ही अपराध दर्ज कराए है, वहीं 11 पर ही जुर्माने की कार्रवाई की गई। पिछले वर्ष जिस तरह से नरवाई की आग में ताबड़तोड़ कार्रंवाईयां हुई उससे किसानों में आक्रोश फैल रहा था और इसको देखते हुए ही जनप्रतिनिधियों ने इस बार प्रशासन को कार्रवाई के मामले में हल्का हाथ रखने के लिए कहा था जिसका असर देखने में भी आ रहा है। वैसे पड़ोसी जिले हरदा, होशंगाबाद और छिंदवाड़ा के मुकाबले बैतूल में कम घटनाएं दर्ज हुई है।

- भीमपुर और भैंसदेही में दर्ज हुई एफआईआर...


बताया गया कि एक प्रकरण भैंसदेही में दर्ज किया गया और दूसरा प्रकरण भीमपुर में दर्ज किया गया। यह दावा किया जा रहा है कि जहां नरवाई की आग से पशु धन या संपत्ति को नुकसान हो रहा है वहीं पर प्रकरण दर्ज किया है।

- बैतूल में जुर्माने की कार्रवाई ज्यादा...


बैतूल में सर्वाधिक जुर्माने की कार्रवाई की गई, यहां पर 5 किसानों से 20 हजार रूपए जुर्माना वसूला गया। वहीं आमला में तीन किसानों से 7500 रूपए जुर्माना वसूल किया गया। कुल 11 किसानों से 37 हजार 500 लिए गए।

- कस्टम हाईरिंग से रोकने की कोशिश...


प्रशासन की कोशिश है कि अलग-अलग कस्टम हाईरिंग सुविधाएं देकर किसानों को नरवाई में आग लगाने से रोका जाए और नरवाई के लिए किसानों को हेप्पीसीडर आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

- सर्वाधिक आगजनी की घटनाएं पट्टन तहसील में दर्ज की गई...


नरवाई की आग के मामले में सर्वाधिक 115 घटनाएं पट्टन तहसील में दर्ज की गई। इसके बाद मुलताई में 69, बैतूल में 49 और सबसे कम भीमपुर में 14 घटनाएं दर्ज की गई है। वैसे पट्टन ब्लॉक में सिंचाई का रकबा कम होने के बाद भी तीसरी फसल के लिए आगजनी की घटनाओं का कारण यहां पर सब्जी की खेती होना बताया जा रहा है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 15 मई 2026