बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। लगभग तीन वर्ष की अवधि में भी बैतूल जिले में चार बड़ी समूह नलजल योजनाएं पूरी नहीं हो पाई है, जबकि वर्क आर्डर के अनुसार इसकी समय सीमा खत्म हो चुकी है। इन चार समूह नलजल योजनाओं में से दो नलजल योजनाओं की प्रगति बेहद ही कमजोर दिखाई दे रही है और लगातार इसको लेकर हल्ला भी मच रहा था। ऐसी स्थिति में वर्धा समूह नलजल योजना और मेंढा समूह नलजल योजना का टेण्डर निरस्त कर दिया गया था। अब सामने यह आ रहा है कि रिटेण्डर प्रक्रिया में यह काम किसी एसबीई इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड को मिल गया है। वैसे टेण्डर निरस्त कर रिटेण्डर करने में काफी लंबा समय लिया गया और इसकी वजह से इन योजनाओं का जो लाभ समय पर मिलना था वह नहीं मिल पाया है। बताया गया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की नाराजगी के बाद यह दो टेण्डर निरस्त किए गए थे। 

- एलएन मालवीय के तीन में से दो टेण्डर हाथ से निकल गए...
बैतूल में चार समूह नलजल योजनाओं में से गढ़ा समूह नलजल योजना, वर्धा समूह नलजल योजना और मेंढा समूह नलजल योजना का काम मेसर्स एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रायवेट लिमिटेड को मिला था। समय सीमा और लंबा एक्सटेशन देने के बाद भी काम में प्रगति ना आने पर एलएन मालवीय के हाथ से मेंढा और वर्धा समूह नलजल योजना का काम हाथ से निकल गया।

- अभी भी प्रोग्रेस बहुत उम्दा नहीं मानी जा सकती...
वर्तमान स्थिति में जल जीवन निगम जो प्रोग्रेस बता रहा है उसमें घोघरी में 69.81 फीसदी, गढ़ा में 64.50 फीसदी, वर्धा में 30.96 फीसदी और मेंढा में 29.54 फीसदी है। कायदे से देखा जाए तो यह प्रोग्रेस भी संतोषजनक नहीं है। विशेषकर मेंढा और वर्धा में इसे कमजोर प्रदर्शन माना जाएगा। 

- 618 करोड़ लागत की है यह चार समूह नलजल योजनाएं...
जिले में मुलताई, आमला और प्रभातपट्टन के लिए घोघरी समूह नलजल योजना है जिसमें 162 गांव है और यह काम विक्रांत इंजीनियरिंग एण्ड एक्जिम प्रायवेट लिमिटेड के पास है। वहीं 51 ग्राम वाली गढ़ा समूह नलजल योजना का काम मेसर्स एलएन मालवीय इन्फ्रा के पास है। वहीं अब 91 गांव वाली वर्धा और 241 गांव वाले मेंढा का काम अब मेसर्स एसबीई इंजीनियिरंग प्रायवेट लिमिटेड के पास है।

- जल जीवन निगम के अधिकारी बैतूल की जगह छिंदवाड़ा से 618 करोड़ की योजना चला रहे...
बैतूल जिले की समूह नलजल योजनाओं काम जल जीवन निगम के पास है और इसका कार्यालय बैतूल में ना होकर छिंदवाड़ा में है। जो कार्यपालन यंत्री है वे छिंदवाड़ा के साथ बैतूल भी देख रहे है। इसलिए समूह नलजल योजनाओं में गुणवत्ताहीन निर्माण और प्रोग्रेस ना आना सबसे बड़ी समस्या है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 19 मई 2026