बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। मनरेगा के इन दिनों हाल बेहाल है और कोई देखने सुनने वाला नहीं है। बैतूल जिले में पिछले एक माह से किसी भी अधिकारी को स्थाई जिला पंचायत सीइओ नियुक्त नहंी किया गया है और उसका असर भी जिला पंचायत में देखा जा रहा है। वैसे ही मजदूरी और सामग्री का पैसा ना आने के कारण हाल बेहाल थे, लेकिन अब तो निर्माण कार्यो को लेकर मैदानी अमले और अधिकारियों से समीक्षा होना भी बंद हो गई है। बताया गया कि लगभग 26 हजार से अधिक ऐसे निर्माण कार्य है जो लंबे समय से अधूरी हालत में चल रहे है। इनमें सीसी जारी कराने के लिए कोई प्रयास नहंी किए जा रहे है। इन निर्माण कार्यो में सर्वाधिक निर्माण कार्य आदिवासी जनपद क्षेत्र भैसदेही के बताए जा रहे है। इन निर्माण कार्यो को लेकर किसी भी तरह की कोई प्लॉनिंग ना तो मनरेगा परिषद से आ रही है और ना ही जिला स्तर पर कोई प्लॉनिंग की जा रही है। 
वित्तीय वर्ष 2023-24 के 5914 निर्माण कार्यो में सीसी जारी नहीं
जिले में मनरेगा में निर्माण कार्यो की हालत कैसी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वित्तीय वर्ष में 205206 निर्माण कार्य शुरू किए थे इसमें से 199292 निर्माण कार्य कम्पलीट बताए जा रहे है वहीं 5914 काम अभी भी अधूरे बताए जा रहे है। अब यह निर्माण कार्य क्यों पूरे नहीं हुए यह सबसे बड़ा सवाल है। कहा जाता है कि इनकी जांच हो तो घोटाला सामने आएगा।

- वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3837 निर्माण कार्य अपूर्ण बताए जा रहे है...
वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान मनरेगा का पोर्टल जो जानकारी दे रहा है उसके अनुसार 7 हजार 862 निर्माण कार्य शुरू किए गए। इसमें से 4 हजार 25 निर्माण कार्य यह पोर्टल पूरा होना बता रहा है। वहीं 3837 निर्माण कार्यो को अपूर्ण बताया जा रहा है। लगभग 48 फीसदी काम अधूरे होना बताता है कि मनरेगा में किस स्थिति में निर्माण कार्य चल रहे है। 
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 15 हजार 791 निर्माण अपूर्ण की स्थिति में 
वित्तीय 2025-26 का डेटा एनालिस किया जाए तो यह सामने आता है कि बड़ी संख्या में निर्माण कार्य में अपूर्ण है। इस वित्तीय वर्ष में 21 हजार 409 निर्माण कार्य शुरू किए गए और इसमें से 7618 निर्माण कार्य ही पूर्ण बताए जा रहे है। वहीं 15791 निर्माण कार्य अपूर्ण की स्थिति में दिखाई दे रहे है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 23 मई 2026