बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा। डीजीपी ने नई तबादला नीति के अनुरूप विभाग के लिए जो नीति-निर्देश जारी किया है यदि उनका अक्षरश: पालन हुआ तो वर्षो से बैतूल जिले में तैनात अधिकारी सहित विभिन्न थानों और अनुविभाग में ही जड़े जमाकर बैठे अंगद के पैर माने जाने वाले पुलिसकर्मियों का वहां से हटना तय माना जा रहा है। पिछले तबादला सीजन में भी इस तरह के आदेश जारी हुए थे लेकिन तात्कालीन एसपी निश्चल झारिया ने आदेश के अनुसार पूरी तरह से तबादले नहीं किए थे, इसलिए वर्षो से जमे हुए पुलिसकर्मी यथावत अपनी पोस्टिंग पर बरकरार रह गए। डीजीपी ने जो आदेश दिए है उसके अनुरूप १ जून से ५ जून तक तबादला आदेश जारी होंगे और १५ जून तक रिलीविंग और ज्वाईनिंग की प्रक्रिया पूरी करना है, इन नीति निर्देश को लेकर जिले के पुलिस विभाग में भी खासी खलबली देखी जा रही है। 

- यह है डीजीपी के आदेश...
१ - किसी एक थाने में किसी भी कर्मचारी की एक पद पर पदस्थापना सामान्यत: ४ वर्ष या अधिकतम ५ वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए, मतलब यह है कि अलग-अलग अवधि को भी जोडक़र यहां देखा जाएगा। 
२ - किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को उपरोक्त अवधि की पदस्थापना पूर्ण होने के उपरांत पुन: उस पद पर उसी थाने में पदस्थ नहीं किया जाएगा, मतलब यह है कि एक बार जो जिस थाने में लंबा समय गुजार चुका है उसे उस थाने में दोबारा पोस्टिंग नहीं मिलेगी। 
३ - किसी भी कर्मचारी को पृथक पदों पर किसी भी एक थाने में पुन: पदस्थापना में कम से कम तीन वर्ष का अंतराल अवश्य रखा जाए मतलब यह है कि प्रमोशन के बाद किसी अधिकारी कर्मचारी को किसी थाने में दूसरी पोस्टिंग के लिए तीन वर्ष इंतजार करना होगा।
४ - आरक्षक से उपनिरीक्षक के पद पर किसी भी कर्मचारी की एक अनुविभाग में विभिन्न पदों पर पदस्थापना अवधिक १० वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए, उपरोक्त सेवाकाल में स्थानांतरण के साथ-साथ अटैचमेंट की समयअवधि भी शामिल होगी।

- यह है बैतूल जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति के उदाहरण...
१ - एक डीएसपी स्तर के अधिकारी की बैतूल जिले में उनके सब इंस्पेक्टर प्रोवीजनल काल से तैनाती को यदि देखा जाए तो करीब २० वर्ष बैतूल जिले में और बैतूल अनुविभाग में कम से कम १५ वर्ष से ज्यादा पोस्टिंग हुई है। 
२ - जैसे मुलताई थाने में गजराज, पुष्पा और रोहित कुशवाह की पोस्टिंग मुलताई अनुविभाग में बार-बार मुलताई और आमला के बीच होते रही है, यह भी ५ वर्ष से अधिक है।
३ - एसपी ऑफिस में ही कई पुलिसकर्मी पिछले १५ वर्ष से एक ही जगह पर अटैच है, उनमें से कुछ ने तो बैतूल जिले में थाने का मुंह ही नहीं देखा।
४ - इसी तरह एसपी ऑफिस में लिपिक वर्ग की पोस्टिंग को लेकर भी लगातार सवाल रहते है, कहा जाता है कि यह भी आदेश और नियमों के अनुकूल नहीं है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 24 मई 2026