बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले के प्रभारी मंत्री शार्ट नोटिस पर सोमवार को बैतूल पहुंचे और उन्होंने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस समीक्षा बैठक में आमला विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष आदि जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस दौरान सडक़ निर्माण, संदीपनी स्कूल निर्माण आदि पर विस्तार से चर्चा की और निर्माण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही। उन्होंने नलजल योजनाओं की भी समीक्षा की और समीक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। जो प्रभारी मंत्री की समीक्षा सामने आई है उसमें कहीं भी बिजली कटौती को लेकर कोई भी चर्चा या दिशा निर्देश सामने नहीं आ रहे है, जबकि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती एक बड़ी समस्या और ग्रामीणों का जीवन दुभर हो गया है? इस पर कोई बात ना होना सवालों को जन्म देता है। ग्रामीणों से जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार रात में दो बार ऐसे समय कटौती की जाती है जब ग्रामीण गहरी नींद में होते है और अचानक बिजली गुल जाने से पसीने से लतपथ हो जाते है जिससे नींद खुल जाती है। इस वजह से उनकी रात में नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर बैतूल, खेड़ी फीडर में होने वाली कटौती पर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष और युवक कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया था। इसी तरह मुलताई में भी ग्रामीणों ने और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली कटौती के खिलाफ ज्ञापन दिया है। यह सब होने के बाद भी बिजली कटौती ना रूकना और इस पर कोई चर्चा ना होना प्रभारी मंत्री की समीक्षा और उसमें मौजूद जनप्रतिनिधियों के दृष्टिकोण पर प्रश्रचिन्ह लगाता है? वहीं बिजली कंपनी के अधिकारी खपत अधिक और आपूर्ति कम का हवाला देते है। 

- केस स्टडी 01: दनोरा के निवासी ने बताया कि रात में नींद नहीं हो पा रही है...
भोपाल में जॉब करने वाले दनोरा निवासी मनोज गाड़वे ने बताया कि वर्तमान में उनके और आसपास के गांव में बिजली कटौती की स्थिति यह है कि रात में 12 से डेढ़ बजे और 3 से 4.30 बजे तक कटौती की जा रही है। इस वजह से गर्मी के कारण पंखे, कूलर बंद होने से नींद खुल जाती है और सो नहीं पा रहे है। भोपाल से आए उनके बच्चे भी इस कटौती के कारण वापस भोपाल जाने की बात करते है। 

- केस स्टडी 02: पीसाजोड़ी के सुरेन्द्र अवस्थी का कहना हालात खराब...
पीसाजोड़ी के उन्नत कृषक सुरेन्द्र अवस्थी ने बताया कि पाढर फीडर में उनका गांव आता है। वर्तमान में करीब एक पखवाड़े से नियमित बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने बताया कि रात में दो बार कटौती की जाती है और इस वजह से रात में भी नींद ही नहीं हो पाती है। जब व्यक्ति की नींद गहरी होती है इसी दौरान बिजली कट जाती है जिससे उसकी नींद खुल जाती है। अधिकारी कोई जवाब नहीं देते है। 

- अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पर फिर आश्वासन देकर चले गए प्रभारी मंत्री...
 नगर के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों की कमी को लेकर एक बार फिर लोक स्वास्थ्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल एक बार फिर चिकित्सकों की कमी को लेकर सिर्फ आश्वासन देकर चले गए।
लगभग 6 माह पूर्व में अस्पताल पहुंचे प्रभारी मंत्री ने शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया था जिसके बाद अस्पताल में पदस्थ बाकि चिकित्सक भी चले गए थे। वर्तमान में तीन विकासखंडों के मरीजों एवं घायलों का उपचार करने वाले मुलताई अस्पताल में पूरा दारोमदार बीएमओ गजेन्द्र मीणा पर हैं जिससे बार बार व्यवस्थाएं बिगड़ रही है। विगत दिनों मुलताई से गंभीर अवस्था में रेफर की गई प्रसूता की जिला अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत होने का मामला अभी ठंडा नही हुआ है। उसके पूर्व मुलताई अस्पताल में कोई चिकित्सक नही रहने से एक शव को पोस्टमार्टम के लिए 15 किलोमीटर दूर प्रभात पट्टन अस्पताल ले जाया गया था जिससे अस्पताल में अव्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। पूरे मामले में अस्पताल पहुंचे प्रभारी मंत्री को समस्याओं से अवगत कराया गया जिस पर उन्होने कहा कि शीघ्र ही मुलताई अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था बनाई जाएगी।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 मई 2026