(बैतूल) अतिथि शिक्षकों का अनुभव ऑनलाईन सिस्टम छीन रहा पर कहीं कोई सुनवाई भी नहीं हो रही , - जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आ रहे शिक्षकों को डीपीआई का दिखा रहे रास्ता
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पिछले दो दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक वर्ग के अभ्यर्थी पहुंच रहे है और बता रहे है कि इनके पूर्व के अनुभव के अंक अतिथि शिक्षक भर्ती ऑनलाईन सिस्टम में दिखाई ही नहीं दे रहे है और इस वजह से उन्हें नुकसान हो सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से उन्हें डीपीआई के जिम्मेदार का नम्बर दिया जाता है और कहा जाता है कि वहीं संपर्क करें हमारे हाथ में कुछ नहीं है। इस स्थिति में शिक्षक जब डीपीआई के दिए गए नम्बर पर संपर्क करते तो वहां फोन ही अटेंड नहीं होता । वहीं जो हेल्पलाईन नम्बर दिया गया है, उस पर भी संपर्क करने पर समस्या के समाधान के लिए डीपीआई के कर्मचारियों या अधिकारियों के नम्बर दिए जाते है वे भी कई बार कॉल करने पर भी उनके फोन अटेंड नहीं करते इस वजह से अतिथि शिक्षक हैरान परेशान घूम रहे है। स्थिति यह है कि उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। यह मसला केवल बैतूल का नहीं है बल्कि अन्य जिलों से भी यही स्थिति सामने आ रही है। बैतूल ब्लॉक में तो यह बताया जा रहा है कि शिक्षा की दृष्टि से बैतूल ब्लॉक एजुकेशन के अंतर्गत आता है और प्रशासनिक दृष्टि से बैतूल ब्लॉक जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए इस ब्लॉक में अधिकांश शिक्षकों के साथ यह समस्या आ रही है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उनकी बात सुनने के लिए कोई तैयार ही नहीं है। डीपीआई में यदि जाते भी है तो वहां मदद मिलेगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है जो हमारे फोन नहीं उठा रहे है वे हमारी बात कितनी सुनेेगे? अतिथि शिक्षकों का वर्तमान में दस्तावेजों का सत्यापन चल रहा है जो अतिथि पिछले कई वर्ष से विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे है उनका कहना है कि उन्हें पात्रता से बाहर करने के लिए जानबूझकर इस तरह से उनके अनुभव के अंक बाहर किए जा रहे है। जब उनके पास विभाग का दिया हुआ स्कोर कार्ड है तो उसे मान्य क्यों नहीं किया जा रहा है? अलग से यह सिस्टम क्यों बनाया जा रहा है कि ऑनलाईन पोर्टल पर अनुभव के अंक दिखेगे।
- कोई विकल्प भी इन शिक्षकों के सामने नहीं...
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें रेगुलर तो किया नहीं जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमित शिक्षक की तरह उनकी हाजरी सार्थक एप से लगवाई जाती है। वहीं दूसरी ओर वर्ष में 5 से 6 महीने ही उन्हें मौका मिलता है और उस पर इस तरह भर्ती को लेकर हर बार नया सरदर्द खड़ा रहता है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 27 मई 2026


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