बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। समूह नलजल योजनाओं की प्रगति को लेकर कलेक्टर खासे नाराज नजर आए, उन्होंने जल जीवन मिशन के अधिकारियां को दो टूक शब्दों में कहा कि नवम्बर तक हर हाल में काम कम्पलीट होना चाहिए जिससे कि अगली गर्मी में घर-घर नलजल योजना का पानी पहुंचे। उनका कहना था कि समूह नलजल योजना से आधा जिला कवर होता है इसलिए उसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। राष्ट्रीय दिव्य दुनिया ने ही 19 मई को रिटेण्डर में एलएन की जगह एसबीई को वर्धा और मेंढा का काम देने पर प्रगति संतोषजनक नहीं शीर्षक से समूह नलजल योजना की प्रगति पर सवाल खड़े किए थे? जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जल निगम अंतर्गत प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए कि गढ़ा समूह परियोजना को अक्टूबर, घोघरी को नवंबर एवं मेढा समूह परियोजना को अनिवार्य रूप से दिसंबर माह तक पूर्ण कर नल कनेक्शन सुचारू किए जाएं। उन्होंने कार्यपालन यंत्री जल निगम को सख्त निर्देश दिए कि मासिक टारगेट निर्धारित कर माइक्रो मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में देरी न हो। इंटेकवेल, पाइपलाइन एवं नल कनेक्शन के कार्य समानांतर रूप से किए जाएं।  उन्होंने वर्धा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य भी फरवरी माह तक तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि आगामी ग्रीष्म ऋतु में सभी समूह परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले घरों तक नल से जल सुगमता से पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कार्यों में आ रही समस्याओं की जानकारी लेकर उनके निराकरण के निर्देश भी दिए। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने पेयजल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्या आने पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। बोर, ट्यूबवेल आदि माध्यमों से पानी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी 15 दिनों में पेयजल प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश भी दिए। 

- शेष ग्रामों में नल कनेक्शन के लिए बेहतर विकल्प चयनित करने के दिये निर्देश... कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने निर्देश दिए कि समूह जल प्रदाय योजना से कोई भी ग्राम न छूटे। उन्होंने शेष ग्रामों की कार्ययोजना की भी जानकारी ली। बताया गया कि प्रमुख रूप से भैंसदेही के शेष ग्रामों को मेढा एवं रामघाटी, जबकि चिचोली और शाहपुर के ग्रामों को सीतलझिरी एवं गढ़ा परियोजना से कवर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त भीमपुर, आमला एवं घोड़ाडोंगरी के शेष ग्रामों के लिए भी बेहतर विकल्प चयनित करने के निर्देश दिए गए। ताकि इन ग्रामों में लंबे समय तक पानी की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 मई 2026