(बैतूल) रेट बढ़े तो मशीनें भी उलझी : 100 में कम 1000 में ज्यादा मिल रहा पेट्रोल-डीजल , - सामान्य उपभोक्ता कैलीब्रेशन की इस कलाकारी को नहीं समझ पाता
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव के बाद अब पेट्रोल पंपों की फ्यूल डिस्पेंसिंग मशीनों में तकनीकी विसंगति सामने आने लगी है, जानकारी के अनुसार कई पेट्रोल पंपों पर 100 का पेट्रोल या डीजल भरवाने पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से थोड़ा कम ईंधन मिल रहा है, जबकि 1000 का ईंधन भरवाने पर कुछ मामलों में निर्धारित मात्रा से अधिक ईंधन निकल रहा है। इस स्थिति ने उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि यह समस्या मशीनों के कैलिब्रेशन और कीमतों में लगातार हो रहे दशमलव आधारित बदलावों के कारण उत्पन्न हो रही है। तकनीकी रूप से देखा जाए तो राशि के आधार पर ईंधन वितरण करने वाली मशीनें प्रति लीटर मूल्य के अनुसार गणना करती हैं। कीमतों में परिवर्तन होने के बाद मशीनों के सॉफ्टवेयर और कैलिब्रेशन के बीच सूक्ष्म अंतर आने से यह विसंगति दिखाई दे रही है। इस मामले की पड़ताल के दौरान एक जागरूक उपभोक्ता ने संबंधित तेल कंपनी के अधिकृत इंजीनियर से चर्चा की, इंजीनियर ने स्वीकार किया कि पेट्रोल और डीजल के रेट बढऩे के बाद विभिन्न स्थानों से इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कीमतों में लगातार बदलाव और दशमलव अंकों के कारण मशीनों के कैलिब्रेशन में मामूली अंतर आ जाता है। इसके चलते कुछ लेन-देन में ईंधन की मात्रा थोड़ी कम दिखाई देती है तो कुछ में अपेक्षा से अधिक निकल जाती है।
इंजीनियर के अनुसार यह कोई जानबूझकर की गई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि तकनीकी प्रकृति की समस्या है, जो कई क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। हालाकि उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर मशीनों की जांच और पुन: कैलिब्रेशन के माध्यम से इस तरह की विसंगतियों को नियंत्रित किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य उपभोक्ता के लिए इस तरह की बारीक तकनीकी त्रुटि को समझना या पहचानना आसान नहीं है। अधिकांश लोग केवल राशि के आधार पर ईंधन भरवाते हैं और मशीन पर प्रदर्शित मात्रा की जांच नहीं करते। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे संभव हो तो लीटर के आधार पर ईंधन भरवाएं और किसी भी संदेह की स्थिति में पेट्रोल पंप प्रबंधन से मशीन की जांच कराने का अनुरोध करें।
यह मामला पेट्रोल पंप मशीनों की तकनीकी कार्यप्रणाली और नियमित कैलिब्रेशन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे और ईंधन वितरण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 04 जून 2026


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