बैतूल (हेडलाइन)/ नवल वर्मा। बैतूलबाजार के उन्नत कृषक ओमप्रकाश पटेल करीब आठ दिन पहले बैतूल शहर के एक बड़े प्रायवेट बीज विक्रेता के पास सोयाबीन का रेट लेने पहुंचे उसने 9 हजार रूपए क्विंटल बताया, लेकिन जब तीन दिन बाद बीज लेने पहुंचे तो उसी विक्रेता ने उसका रेट 12500 रूपए क्विंटल बता दिया? इस बार सोयाबीन के बीज को लेकर खासी डिमांड देखी जा रही है और इसलिए बीज के रेट में भी जबरदस्त उछाल आ रहा है। यह कहानी सिर्फ ओमप्रकाश पटेल की नहीं है, अन्य किसानों ने भी ऐसा बताया है। कृषि विभाग भले ही यह दावा कर रहा हो कि उसका संभावित रकबा सोयाबीन में भले ही 99 हजार 800 हेक्टेयर हो और उसके हिसाब से पिछले वर्ष जहां 7725 क्विंटल थी वहीं इस बार इसका लक्ष्य 8 हजार क्विंटल रखा गया है और उपलब्धता 10 हजार 181 क्विंटल की है। कृषि विभाग का यह खरीफ सीजन का प्लान इसलिए फेल हो रहा है कि किसानों का रूझान सोयाबीन की तरफ तेजी से बढ़ा है। इसलिए किसान सोयाबीन के बीज को लेकर डिमांड कर रहा है और जो मांग है उसके अनुसार उपलब्धता सरकारी और बाजार में ना होने की बात भी सामने आ रही है। जो खेती किसानी को जानते और समझते है उनका मानना है कि जिस तरह से इस बार मक्का के रेट में तेजी नहीं आई उससे किसान का रूझान मक्का की तरफ से घटा है और सोयाबीन की तरफ बढ़ा है। उनका कहना है कि मक्का में सोयाबीन के मुकाबले लागत ज्यादा है। जिन किसानों के पास पानी है वे धान की तरफ जा रहे है, लेकिन जिनके पास पानी का पर्याप्त साधन नहीं है वे मक्का और धान की जगह सोयाबीन की तरफ रूख कर रहे है और इसलिए डिमांड ज्यादा है। 

- रेट में उछाल ने किसानों को सोयाबीन की तरफ मोड़ा...
उन्नत कृषकों से चर्चा में यह सामने आया कि इस वर्ष पिछले दो महीने में जिस तरह से सोयाबीन के रेट में उछाल आया है उसकी वजह से किसान सोयाबीन की तरफ रूख कर रहा है। दूसरा बड़ा कारण यह है कि सरकार सोयाबीन में दो वर्ष से भावांतर दे रही है, जबकि मक्का में दे रही है। इसलिए भी किसान सोयाबीन की तरफ जा रहा है।

- बीज की उपलब्धता पर बड़ा सवाल...
किसानों ने बताया कि कृषि विभाग यह स्पष्ट नहीं कर रहा है कि सरकारी में कितना बीज उपलब्ध है और प्रायवेट में कितना है। किसानों से ही यह बात सामने आई कि बीज निगम के पास सोयाबीन का बीज उपलब्ध नहीं है इसलिए सोसायटी से मिलना मुश्किल है। वहीं प्रायवेट उत्पादक या व्यापारी समझ चुके है कि डिमांड ज्यादा है। इसलिए रेट में उछाल आ रहा है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 जून 2026