बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। खाद को लेकर जो ई-टोकन सिस्टम लाया गया है यह किसानों के लिए आफत बन गया है, इस ऑनलाईन सिस्टम में इतनी ज्यादा परेशानी है कि किसान पूरा दिन खर्च करने के बाद भी अपना ई-टोकन जनरेट नहीं करा पा रहा है। इसमें आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर सुधार का कोई प्रयास नजर नहीं आ रहा है। अनेक किसानों ने बताया कि जो स्थिति 15 दिन पहले थी वह स्थिति आज भी है। इस स्थिति में किसान के लिए खाद उठाना चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि पुराना सिस्टम ही बेहतर था, किसान अपनी जरूरत के हिसाब से खाद उठाता था, लेकिन नए सिस्टम में केवल हैरान परेशान हो रहा है और किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो इस खरीफ सीजन में किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो जाएगा। इसको लेकर किसी स्तर पर कोई बात नहीं हो रही है। 

- डीलर के पास पूरी खाद दिखना जरूरी...
 किसानों ने बताया कि यदि वे किसी डीलर के पास खाद लेने जाते है तो उसके पास एनपीके, पोटाश, यूरिया और डीएपी दिखाई देना जरूरी है। वर्तमान में डीएपी है नहीं तो यूरिया ई-टोकन जनरेट नहीं हो रहा। क्योंकि जब डीएपी लेेंगे तब यूरिया मिलेगा।

- ओटीपी जनरेट होने में लग रहे घंटो...
किसानों ने बताया कि ई-टोकन के लिए ओटीपी जनरेट होना भी एक बड़ा मसला है। ओटीपी जनरेट होने में घंटो लगते है और ओटीपी आ भी गया तो आगे प्रोसेस ही नहीं हो पाती है और किसान डीलर के पास हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है और टोकन जनरेट नहीं होता। 

- पोर्टल पर फसल चेंज ही नहीं हो रही...
किसानों ने यह भी बताया कि ई-टोकन सिस्टम में फार्मर आईडी, खसरा बताने के साथ ही किसानों को फसल की भी जानकारी देना होता है। अब जैसे किसी ने पहले मक्का लगाई थी अब गन्ना लगाया है तो पोर्टल पर मक्का की जगह गन्ना करने का आप्शन ही काम नहीं करता। 

- सर्वर भी समय पर काम ही नहीं करता...
किसानों के मुताबिक पोर्टल पर इतना ज्यादा लोड है कि ज्यादातर समय तो सर्वर ही काम नहीं करता है और ऐसी स्थिति में किसान ई-टोकन जनरेट करने के लिए सर्वर के काम करने के इंतजार में दिनभर खाद डीलर के पास बैठा रहता है और शाम को खाली हाथ वापस आ जाता है।

- इस बार है खाद संकट...
जो स्थितियां है उसमें साफ नजर आ रहा है कि इस बार खाद संकट है और खरीफ सीजन में किसानों के लिए समस्याएं आएगी ही पर इसका निदान सरकार नहीं कर रही है। 
- हेमंत वागद्रे, पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी बैतूल।

- ई-टोकन जनरेट कराने में तमाम तरह की समस्याएं जारी है और उसे दूर करने में किसी का ध्यान नहीं है। 
- बंटी कापसे, किसान मिलानपुर।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 जून 2026