बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की मौत के बाद उनके वारसान को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पा रही है, इसका बड़ा कारण यह है कि तृतीय श्रेणी में पद ही खाली नहीं है और चतुर्थ श्रेणी में आवेदनकर्ता नियुक्ति के लिए सहमति नहीं दे रहा है। तृतीय श्रेणी में पद खाली ना होने का कारण प्रदेश में लंबे समय से पदोन्नति ना होना है। पदोन्नति का मामला अदालत में लंबित होने के कारण तृतीय वर्ग के पद ही खाली नहीं हो पा रहे है। ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति के अभ्यर्थी कलेक्टे्रट और विभाग के चक्कर काट रहे है। गुरूवार को भी जनजातीय कार्य विभाग के ऐसे ही आवेदनकर्ता केन्द्रीय मंत्री डीडी उईके से मुलाकात और निवेदन करने के लिए कलेक्ट्रेट में उस समय मौजूद थे, जब सांसद और केन्द्रीय मंत्री दिशा की बैठक लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। 

- इन पांच विभागों में 80 वारसानों के आवेदन लंबित चल रहे है...
जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार जिले में सर्वाधिक जनजातीय कार्य विभाग में 52, शिक्षा विभाग में 15, जिला चिकित्सा विभाग में 5, उपसंचालक कृषि विभाग में 6 और राजस्व विभाग में दो आवेदन अनुकंपा नियुक्ति के लिए लंबित है। इनमें से 55 आवेदन में संबंधित विभाग प्रमुख द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए सहमति दी गई है। 

- 299 पद खाली पर भृत्य के इसलिए कोई तैयार नहीं...
अनुकंपा नियुक्ति के लिए जिले में 299 पद खाली है, लेकिन यह सभी पद चतुर्थ श्रेणी भृत्य स्तर के है, इसलिए आवेदनकर्ता जो कि उच्च शिक्षित है वे अनुकंपा नियुक्ति लेने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि तृतीय श्रेणी में उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। सामान्य तौर पर यह आवेदनकर्ता उन भृत्य कर्मचारियों के है जो द्वितीय श्रेणी अधिकारी या उच्च शिक्षक पद पर कार्यरत थे।

- पदोन्नति ना होना अनुकंपा नियुक्ति में सबसे बड़ी बाधा बनी...
जानकार बताते है कि तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी और द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी में पदोन्नति ना होने से तृतीय श्रेणी में पद ही खाली नहीं हो रहे है। पदोन्नति की जगह सरकार उच्च पद प्रभार दे रही है, लेकिन जिसे प्रभार मिल रहा है वह मूल पद पर है इसलिए तृतीय श्रेणी के पद रिक्त नहीं है और आवेदनकर्ता चाहता है कि जो तृतीय श्रेणी का नियम है उसके अनुसार उसे नियुक्ति मिले। 
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 12 जून 2026