बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा । बैतूल से शुरू हुआ बेटी के नाम घर की पहचान अभियान अब लगातार नए पड़ाव तय कर रहा है। यह पहल देश की सैन्य छावनी तक भी पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी कैंट स्थित 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर में फौजी प्रवीण कुमार साहू और माता पूनम साहू की लाडो बेटी भव्या साहू के नाम की नेम प्लेट लगाई गई है। 
भव्या साहू के नाम की यह नेम प्लेट बैतूल के पटेल वार्ड निवासी दादा सहदेव साहू के माध्यम से वाराणसी कैंट पहुंची। परिवार ने बेटी के नाम से घर की पहचान स्थापित होने को गर्व और सम्मान का विषय बताया। 
- 10 साल 6 महीने से जारी है मुहिम...
लाडो फाउंडेशन द्वारा संचालित यह अभियान पिछले 10 साल 6 महीने से लगातार चल रहा है। इसका उद्देश्य बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें परिवार की पहचान में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। अभियान के तहत घरों पर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- बदली सामाजिक सोच...
अभियान से जुड़ने वाले लोगों का कहना है कि इसका प्रभाव अब समाज में दिखाई देने लगा है। पहले जहां कई परिवारों में बेटी के जन्म को लेकर उत्साह कम दिखाई देता था, वहीं अब लोग बेटी होने पर धूमधाम से स्वागत करने लगे हैं। बेटियों को सम्मान देने की भावना मजबूत हुई है और परिवार गर्व से उनके नाम को अपनी पहचान बना रहे हैं।
- बड़े सम्मान का नहीं इंतजार...
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय से लगातार सामाजिक बदलाव के लिए काम करने के बावजूद उन्हें कोई बड़ा सम्मान नहीं मिला है, लेकिन बेटियों के प्रति बदलती सोच और लोगों की बढ़ती भागीदारी ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। यही विश्वास इस मुहिम को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 16 जून 2026