(बैतूल) सब्जी बीज को लेकर जांच का कोई भी सिस्टम बैतूल जिले में है ही नहीं! , - उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का पूरा फोकस सब्सिडी वाली स्कीम पर ही रहता
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। धीरे-धीरे बैतूल जिले में भी सब्जी के उत्पादन को लेकर किसानों में रूझान बढ़ रहा है और कुछ बेल्ट तो वर्षो से बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादक है। इसके बावजूद बैतूल जिले में सब्जी उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए कोई सिस्टम ही काम नहीं कर रहा है। इन किसानों को ना तो फसल बीमा योजना का लाभ मिलता है और ना ही इनको सहकारी समितियों से खाद, बीज मिलता है, वहीं दूसरी ओर सब्जी को लेकर जिस उद्यानिकी विभाग की जिम्मेदारी है उसके अधिकारियों का पूरा फोकस सब्सिडी वाली स्कीम पर रहता है और यह सब्सिडी वाली स्कीम तमाम तरह के सवालों से घिरी रहती है। पूर्व में तो इस तरह के स्कीमों में घोटाले भी सामने आए है जिसका उदाहरण बैतूल जिले में काजू उत्पादन के प्रोत्साहन वाली स्कीम का मामला है।
- जिले में सब्जी बीज की सेम्पलिंग तक नहीं होती...
जिस तरह से हर सीजन में कृषि विभाग तिलहन, दलहन और अनाज के बीज के टारगेट के मुताबिक सेम्पल लेता है। उन्हें जांच के लिए लैब भेजता है और जो लैब से रिपोर्ट आती है उसके आधार पर नोटिस आदि की कार्रवाई भी करता है, लेकिन उद्यानिकी विभाग कभी भी सब्जी बीज के सेम्पल लेते हुए ना तो दिखाई दिया और ना ही यह कभी सामने आया कि सब्जी बीज के मामले में रिपोर्ट सामने आने के बाद उद्यानिकी विभाग ने कभी कोई कार्रवाई की हो, स्थिति यह है कि सेम्पल तक नहीं लिए जाते है।
- सोने की तरह महंगा होता है सब्जी बीज...
सब्जी उत्पादक किसानों ने बताया कि सब्जी का बीज बहुत महंगा आता है यह मान लो किस सोने के भाव बिकता है। उन्होंने बताया कि हजार रूपए का 10 ग्राम या 5 ग्राम तक अलग-अलग सब्जी के बीज के दाम रहते है। उन्होंने बताया कि यदि बीज फेल हो जाए तो तमाम जिम्मेदारी किसान की ही होती है।
- विभाग को कंपनियों की जानकारी तक नहीं...
बैतूल जिले में कौन-कौन सी कंपनियां किस आधार पर सब्जी बीज बेच रही है इसकी कोई जानकारी उद्यानिकी विभाग को नहीं रहती है। इन कंपनियों के पास बीज सर्टिफिकेशन को लेकर क्या आधार रहता है यह भी ना बीज विक्रेता बताते है और ना ही विभाग सामने आकर बताता है। जबकि कायदे से जो भी कंपनी बैतूल जिले में बीज बेच रही है उसे उद्यानिकी विभाग से लाईसेंस लेना चाहिए। उद्यानिकी विभाग के पास जिले में ऐसा कोई पंजीयन है ही नहीं।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 20 जून 2026


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