(बैतूल) गांधी ग्राम खदान के मुहाने का निर्माण कर रहे ठेकेदार ने कर रखा है रेत का अवैध डंप , - खनिज विभाग के संज्ञान में अवैध डंप के कई मामले पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सारनी-पाथाखेड़ा क्षेत्र में नई गांधीग्राम खदान की शुरूआत होने वाली है और जो ठेकेदार इसके मुहाने का काम कर रहा है उसके द्वारा वहां पर करीब 400 ट्राली रेत का भंडारण कर रखा है, इसकी पूरी जानकारी खनिज विभाग को है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है? वहीं दूसरी ओर यह भी सामने आया है कि इस तरह के विभिन्न निर्माण कार्य स्थलों पर रेत के डंप है। अब सवाल यह है कि इसमें से कितने के पास नियम अनुसार अनुमति है और कितने के पास नहीं? वैसे सामान्य तौर पर मानसून सीजन आते ही रेत ठेकेदार से लेकर निर्माण ठेकेदार तक रेत डंप करते है क्योंकि बारिश के दौरान रेत खनन पर बैन लग जाता है और इस दौरान रेत ठेकेदार भी डंप की रेत बेचने में रेट बढ़ा देते है, इसलिए जो बढ़े ठेकेदार होते है वे बड़ी मात्रा में रेत डंप करते है। यही सब गांधीग्राम खदान में हो रहा है। बताया गया कि पूर्व में भी खनिज विभाग ने इसी गांधी ग्राम खदान पर डंप जब्त किया था और 8 लाख का जुर्माना हुआ था।
- डंप की गई रेत अवैध खनन की बताई जा रही...
गांधी ग्राम में ठेकेदार द्वारा जो रेत डंप की गई है वह अवैध खनन की बताई जा रही है। जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार आसपास की खदानों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से जो रेत खनन कर परिवहन की गई वह रेत सस्ते दामों में खरीदकर ठेकेदार ने डंप कर रही है। वर्तमान स्थिति में यहां पर करीब 300 से 400 ट्राली रेत डंप होना बताया जा रहा है। अभी रेत खनन पर प्रतिबंध लगने पर समय है, ऐसे में ठेकेदार और इतनी ही मात्रा में रेत वहां जमा कर लेगा।
- डंप की परमिशन के लिए आवेदन दिया पर अभी अनुमति नहीं...
जानकारी सामने आ रही है कि वर्तमान में ठेकेदार ने डंप की अनुमति के लिए खनिज विभाग में आवेदन दे रखा है, लेकिन प्रक्रिया में समय लगने के कारण अभी तक उसे डंप की अनुमति नहीं मिली फिर उसने बिना अनुमति के यह रेत डंप कर ली है।
- डंप को लेकर इन नियमों की भी हो रही है अलग-अलग जगह अनदेखी...
1 - निजी निर्माण कार्य में जैसे कालोनाईजिंग या भवन निर्माण आदि में अधिकतम 50 घनमीटर के लिए डंप की अनुमति मिलती है।
2 - सरकारी निर्माण कार्य होने पर यह अनुमति 5 हजार घनमीटर की होती है, लेकिन एक ही निर्माण में दो अलग-अलग जगह अनुमति नहीं दी जा सकती।
3 - जहां निजी निर्माण कार्य चल रहा हो वहां पर सरकारी निर्माण के आधार पर अनुमति नहीं दी जाती है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 23 जून 2026


यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान