बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल शहर के क्रिकेट खिलाडिय़ों और प्रतिभाओं को बेहतर सुविधा और मौका मिले इसके लिए बैतूल विधायक के निर्देश पर बैतूल शहर में एक राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की प्लॉनिंग की जा रही है,  जिसको लेकर नगरपालिका ने बकायदा प्रस्ताव भी ले लिया है। पूर्व में इस प्रस्तावित स्टेडियम के लिए मेजर ध्यानचंद एस्टोटर्फ हॉकी स्टेडियम के पीछे जगह चयनित की गई थी और टेंडर भी लगा दिया था, लेकिन यह जगह क्रिकेट स्टेडियम के लिए पर्याप्त ना होने पर अब वर्तमान ट्रेचिंग ग्राउंड वाली जमीन पर प्लॉन किया जा रहा है। बैतूल के खिलाड़ी और नागरिकों का मानना है कि यह बैतूल के लिए बड़ी सौगात है इसलिए जल्दबाजी और हड़बड़ी में किसी तरह की कोई गलती या खामी नहीं छोड़ी जाए। नागरिकों और खिलाडिय़ों का कहना है कि स्टेडियम जहां भी बन रहा हो उसमें लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम की तरह मार्ग और गेट की व्यवस्था हो जिससे कि भविष्य में भारी भीड़ जमा होने पर आवाजाही सुगम हो किसी तरह का कोई अंदेशा ना रहे। उनका कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में 6 गेट होने के कारण दशहरा में पुतला दहन में हजारों की भीड़ आने पर भी किसी तरह का कोई हादसा नहीं होता और आवाजाही सुचारू रहती है, किसी तरह की भगदड़ नहीं होती। इसलिए प्रस्तावित नए स्टेडियम में भी यह होना चाहिए। 

- फिलहाल प्रस्तावित स्टेडियम स्थल ट्रेचिंग्र ग्राउंड के लिए मात्र एक ही मार्ग...
बताया गया कि जिस ट्रेचिंग ग्राउंड की जमीन पर यह स्टेडियम प्लॉन किया जा रहा है वहां फिलहाल में आवाजाही के लिए एक ही मार्ग है वह भी मात्र 20 फीट चौड़ा है। ऐसी स्थिति में यदि यहां स्टेडियम बनाया जाता है तो कम से कम एक अन्य मार्ग को लेकर नगरपालिका को विकल्प देखना चाहिए, जिससे कि स्टेडियम की स्थिति सिर्फ गेट पर निर्भर ना हो। स्टेडियम में आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग हो, क्योंकि बैतूल में यदि रणजी ट्राफी स्तर के मैच होंगे तो भारी भीड़ जमा होगी, लोकल टूर्नामेंट में ही लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में भारी भीड़ जमा होती है, इसलिए यहां पर वैकल्पिक मार्ग और कम से कम चार गेट के हिसाब से स्टेडियम की डिजाईन होना चाहिए।

- लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम को भी इनडोर करने की जगह अन्य विकल्प देखे जाए...
नगरपालिका ने जो प्रस्ताव लिया है उसके अनुसार लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में इनडोर गेम के हिसाब से प्लॉनिंग की जा रही है। जो खिलाड़ी है उनका कहना है कि यह स्टेडियम ऐसा ही रहने दिया जाए। इनडोर के लिए पीछे रेस्ट हाउस की जमीन, गर्ल्स कॉलेज के सामने सतपुड़ा क्लब की जमीन, कोतवाली थाने के बगल में राय साहब की बगीचे वाली जमीन और हॉकी स्टेडियम के पीछे की जमीन पर प्लॉन किया जाना चाहिए तभी फायदा मिलेगा।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 25 जून 2026