(बैतूल) खेतों में डलेगा संदिग्ध खाद-बीज क्योंकि ना सेम्पल लेने का पता ना जांच रिपोर्ट का , - एक ही ढर्रे में काम कर रहे कृषि विभाग ने खाद-बीज, कीटनाशक की जांच रिपोर्ट बोवनी के बाद आती है
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल जिले में कुछ क्षेत्र में बोवनी शुरू हो चुकी है और इस बोवनी में किसान जिस खाद, बीज का उपयोग कर रहे है वह संदिग्ध माना जाएगा। इसकी वजह यह है कि कृषि विभाग ने इस खरीफ सीजन में सेम्पलिंग और जांच रिपोर्ट को लेकर क्या किया और क्या नहीं यह अभी सामने नहीं आया है? ऐसी स्थिति में जो खुले बाजार में खाद, बीज बिक रहा है उसकी गुणवत्ता और प्रमाणितकता पर प्रश्रचिन्ह है। हर सीजन में सेम्पल फेल हो रहे है यह इस बात का प्रमाण है कि बाजार और समितियों में जो खाद, बीज मिल रहा है वह एकदम गुणवत्तायुक्त नहीं है। किसानों का कहना है कि यह देखने में आता है कि हर सीजन में जब बोवनी हो जाती है इसके बहुत बाद कृषि विभाग द्वारा लिए गए सेम्पल की रिपोर्ट आती है। ऐसी स्थिति में किसान को यह भी नहीं बताया जाता है कि उसने जिस खाद, बीज या कीटनाशक का उपयोग किया है वह फेल था या नहीं। इसकी वजह यह है कि कृषि विभाग ने सेम्पल रिपोर्ट को एक विभागीय कार्यवाही मान लिया है। जिसमें ट्रेंड के अनुसार खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं को सेम्पल फेल होने पर नोटिस दे दिए जाते है और लाईसेंस सस्पेंड जैसी कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन जिस लॉट का खाद, बीज या कीटनाशक का सेम्पल फेल हुआ था वह किसानों को दिया गया उनसे कृषि विभाग कोई संपर्क ही नहीं करता और फसल को होने वाले नुकसान को लेकर कोई फीडबैक नहीं लेता। इसलिए हर सीजन में होने वाले यह सेम्पल या जांच रिपोर्ट महज एक खानापूर्ति बनकर रह गई है। जिसका किसानों को किसी स्तर पर कोई लाभ ही नहीं मिलता है।
- मिलते है सेम्पलिंग के टारगेट...
रबी और खरीफ सीजन दोनों में खाद, बीज और कीटनाशक के लिए टारगेट दिए जाते है। जिनके सेम्पल लेकर अलग-अलग लैब में भेजे जाते है। इस बार भी खाद, बीज में एक सैकड़ा से अधिक सेम्पल का टारगेट है। अभी तक कितने सेम्पल लिए गए है यह सामने नहीं आया है।
- गुणवत्ता पर समीक्षा ही बंद हो गई...
पहले हर सीजन में जब कृषि विभाग की समीक्षा होती थी तो उसमें खाद, बीज के सेम्पल से लेकर इसकी जांच रिपोर्ट तक पर कलेक्टर, प्रभारी मंत्री आदि समीक्षा करते थे, लेकिन डॉ. आनंद बड़ोनिया और कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी के कार्यकाल से कृषि विभाग की समीक्षा के बिंदु और उसकी जानकारी के फोल्डर में खाद, बीज और कीटनाशक की जांच को लेकर जानकारी ही बंद हो गई।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 जून 2026


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