बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष फीस भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने 5,000 रुपये तक की प्रवेश फीस पर किस्तों में भुगतान की सुविधा समाप्त कर दी है। अब प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को पूरी फीस एकमुश्त जमा करनी होगी। विभाग के ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल से 5 हजार रुपये तक की फीस के लिए उपलब्ध इंस्टॉलमेंट का विकल्प भी हटा दिया गया है। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले शैक्षणिक सत्र तक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को भी फीस दो या तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलती थी। वहीं इस वर्ष द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था जारी रखी गई है, लेकिन नए विद्यार्थियों के लिए इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और निम्न आय वर्ग के परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विद्यार्थियों का कहना है कि एकमुश्त फीस जमा करना हर परिवार के लिए संभव नहीं है। कई छात्रों ने आशंका जताई है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें समय पर प्रवेश नहीं मिल पाएगा। उनका कहना है कि सरकार उच्च शिक्षा में प्रवेश बढ़ाने और सभी वर्गों को समान अवसर देने की बात करती है, लेकिन फीस भुगतान के नियमों में किया गया यह बदलाव उस उद्देश्य के विपरीत है। इस फैसले के विरोध में कई विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि निजी शिक्षण संस्थानों में भी फीस किस्तों में जमा करने की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सरकारी कॉलेजों में यह विकल्प समाप्त कर दिया गया है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों ने भी विभाग के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाना चाहती है तो फीस भुगतान में लचीलापन बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार किस्तों की सुविधा जारी रहने से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी बिना वित्तीय दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के मोनू वाघ ने कहा है कि उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को भी द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की तरह दो किस्तों में फीस जमा करने की अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने ऑनलाइन एडमिशन सॉफ्टवेयर में तत्काल संशोधन कर किस्तों का विकल्प बहाल करने का आग्रह किया है। अब प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों की नजर उच्च शिक्षा विभाग के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 28 जून 2026